मध्य विद्यालय के रात्रि प्रहरी पहुंचे जनता दरबार:मोतिहारी में 2 साल से वेतन नहीं मिला, एजेंसी कर रही 1605 रुपए की कटौती

मध्य विद्यालय के रात्रि प्रहरी पहुंचे जनता दरबार:मोतिहारी में 2 साल से वेतन नहीं मिला, एजेंसी कर रही 1605 रुपए की कटौती

मोतिहारी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय के रात्रि प्रहरी संघ के सदस्यों ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में अपनी लंबित वेतन संबंधी मांगें रखीं। संघ के जिला अध्यक्ष मुन्ना कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रात्रि प्रहरियों ने समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। रात्रि प्रहरियों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन 8 घंटे के बजाय 12 घंटे तक ड्यूटी ली जाती है। इसके बावजूद, उन्हें पिछले दो वर्षों से नियमित मासिक वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। 1605 रुपए की कटौती पर मांगा हिसाब उन्होंने आरोप लगाया कि तीन अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से उनकी बहाली 5000 रुपए मासिक मानदेय पर की गई थी, लेकिन उन्हें वास्तविक भुगतान केवल 3395 रुपए मिल रहा है। शेष 1605 रुपए की कटौती की जा रही है, जिसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जाता। बकाया वेतन का भुगतान कराने की मांग संघ के प्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की कि होली का त्योहार नजदीक है, लेकिन वेतन भुगतान को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। रात्रि प्रहरियों ने प्रशासन से मांग की है कि बकाया वेतन का अविलंब भुगतान कराया जाए और भविष्य में समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुला चौधरी, हरिकिशोर सिंह, मुकेश कुमार, तुरकौलिया एवं पताही प्रखंड के संतोष कुमार और जितेंद्र कुमार राम, सुगौली के प्रतिनिधि, पहाड़पुर के धर्मेंद्र कुमार यादव और संतोष कुमार ओझा, अरेराज के अमलेश कुमार, चिरैया के महताब आलम तथा रामगढ़वा प्रखंड के प्रतिनिधि सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे। मोतिहारी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय के रात्रि प्रहरी संघ के सदस्यों ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में अपनी लंबित वेतन संबंधी मांगें रखीं। संघ के जिला अध्यक्ष मुन्ना कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रात्रि प्रहरियों ने समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। रात्रि प्रहरियों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन 8 घंटे के बजाय 12 घंटे तक ड्यूटी ली जाती है। इसके बावजूद, उन्हें पिछले दो वर्षों से नियमित मासिक वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। 1605 रुपए की कटौती पर मांगा हिसाब उन्होंने आरोप लगाया कि तीन अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से उनकी बहाली 5000 रुपए मासिक मानदेय पर की गई थी, लेकिन उन्हें वास्तविक भुगतान केवल 3395 रुपए मिल रहा है। शेष 1605 रुपए की कटौती की जा रही है, जिसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जाता। बकाया वेतन का भुगतान कराने की मांग संघ के प्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की कि होली का त्योहार नजदीक है, लेकिन वेतन भुगतान को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। रात्रि प्रहरियों ने प्रशासन से मांग की है कि बकाया वेतन का अविलंब भुगतान कराया जाए और भविष्य में समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुला चौधरी, हरिकिशोर सिंह, मुकेश कुमार, तुरकौलिया एवं पताही प्रखंड के संतोष कुमार और जितेंद्र कुमार राम, सुगौली के प्रतिनिधि, पहाड़पुर के धर्मेंद्र कुमार यादव और संतोष कुमार ओझा, अरेराज के अमलेश कुमार, चिरैया के महताब आलम तथा रामगढ़वा प्रखंड के प्रतिनिधि सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।  

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