Pet Safe Holi Colors: होली का त्योहार रंग, मस्ती और खुशियों से भरा होता है। सभी लोग एक दूसरे को रंग लगाकर खुशियां बांटते हैं, लेकिन जिन घरों में पेट्स होते हैं वहां उन्हें रंगों से बचाने की चिंता भी रहती है। आजकल केमिकल रंगों से होने वाली स्किन एलर्जी और आंखों में जलन की शिकायतें आम हैं। ये रंग जानवरों के लिए सेफ भी नहीं होते हैं। यही वजह है कि लोग अब ऑर्गेनिक रंगों की ओर बढ़ रहे हैं। ये आपके पालतू जानवरों के लिए सेफ माने जाते हैं। जानिए आप अपने पेट्स के साथ बिना किसी टेंशन के सुरक्षित होली कैसे मना सकते हैं।
केमिकल रंग क्यों खतरनाक?
बाजार में मिलने वाले सस्ते रंगों में कई बार आर्टिफिशियल पिगमेंट और केमिकल मिले होते हैं। जब ये रंग जानवरों के शरीर पर लगते हैं तो वे बाद में खुद को चाटते हैं और रंग उनके पेट में चला जाता है। इससे उनको बीमारियां हो सकती हैं। कई मामलों में सांस लेने में दिक्कत भी देखी गई है। इसलिए केमिकल रंगों से पालतू जानवरों को दूर रखना ही बेहतर है।
कौन से रंग पेट्स के लिए बेस्ट है?
अगर आप अपने पेट्स के साथ होली का मजा लेना चाहते हैं, तो बाहर के रंगों के बजाय घर की किचन से बने रंगों का इस्तेमाल करें। आप बेसन में थोड़ी हल्दी मिलाकर सुरक्षित पीला गुलाल तैयार कर सकते हैं, या फिर चुकंदर को पानी में उबालकर गुलाबी रंग बना सकते हैं। इसके अलावा, गेंदे के फूलों को सुखाकर या ताजी पालक का रस निकालकर भी नेचुरल कलर बना सकते हैं। ध्यान रखें कि पेट्स की आंखों और नाक में कलर न जाए।
क्या ऑर्गेनिक रंग पूरी तरह सुरक्षित?
ऑर्गेनिक कलर आमतौर पर प्राकृतिक चीजों से बने होते हैं और इनमें केमिकल्स नहीं होते। अगर ये सही तरीके से तैयार किए गए हों और इनमें कोई सिंथेटिक मिलावट न हो, तो ये जानवरों के लिए कुछ हद तक सुरक्षित माने जाते हैं। फिर भी जरूरी है कि आप ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल न करें। होली के बाद उन्हें रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से पेट-शैम्पू से ही साफ करें।
होली पर जानवरों को सेफ रखने के टिप्स
अगर आप होली खेल रहे हैं, तो कोशिश करें कि आपके पेट्स रंगों से दूर रहें। उन्हें घर के अंदर सुरक्षित जगह पर रखें। अगर गलती से उन पर रंग लग जाए तो तुरंत गुनगुने पानी से साफ कर दें। उनकी आंख, कान और मुंह में रंग जाने से बचाएं। किसी भी तरह की खुजली, सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।


