सहरसा शहर में फागुन एकादशी के अवसर पर शुक्रवार को श्री श्याम परिवार के तत्वावधान में एक निशान यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में लगभग 1000 महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से शहर गूंज उठा। निशान यात्रा की शुरुआत श्री भीमसरिया स्मृति भवन से हुई। यहां से श्रद्धालु हाथों में रंग-बिरंगे निशान लेकर नगर भ्रमण पर निकले। यह यात्रा धर्मशाला रोड होते हुए बरियाही मुख्य मार्ग से गुजरी और अंत में शहर स्थित खाटू श्याम मंदिर सहरसा में संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भजन-कीर्तन का आयोजन मंदिर परिसर पहुंचने के बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें भक्तों ने देर शाम तक श्याम नाम की धुन पर भजन गाए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह कार्यक्रम फाल्गुन श्री श्याम महोत्सव के तहत प्रतिवर्ष मनाया जाता है। श्री श्याम परिवार के प्रतिनिधि आदित्य मित्तल ने बताया कि फागुन एकादशी के उपलक्ष्य में भव्य दरबार सजाया जाएगा। इस दौरान बाबा का अलौकिक श्रृंगार, भजन संध्या, फूलों की होली और इत्र वर्षा का विशेष आयोजन किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। बाबा श्याम की भक्ति का विशेष महत्व श्रद्धालुओं के अनुसार, फागुन माह में बाबा श्याम की भक्ति का विशेष महत्व होता है। भक्त निशान यात्रा में शामिल होकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सहरसा शहर में फागुन एकादशी के अवसर पर शुक्रवार को श्री श्याम परिवार के तत्वावधान में एक निशान यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में लगभग 1000 महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से शहर गूंज उठा। निशान यात्रा की शुरुआत श्री भीमसरिया स्मृति भवन से हुई। यहां से श्रद्धालु हाथों में रंग-बिरंगे निशान लेकर नगर भ्रमण पर निकले। यह यात्रा धर्मशाला रोड होते हुए बरियाही मुख्य मार्ग से गुजरी और अंत में शहर स्थित खाटू श्याम मंदिर सहरसा में संपन्न हुई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भजन-कीर्तन का आयोजन मंदिर परिसर पहुंचने के बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें भक्तों ने देर शाम तक श्याम नाम की धुन पर भजन गाए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह कार्यक्रम फाल्गुन श्री श्याम महोत्सव के तहत प्रतिवर्ष मनाया जाता है। श्री श्याम परिवार के प्रतिनिधि आदित्य मित्तल ने बताया कि फागुन एकादशी के उपलक्ष्य में भव्य दरबार सजाया जाएगा। इस दौरान बाबा का अलौकिक श्रृंगार, भजन संध्या, फूलों की होली और इत्र वर्षा का विशेष आयोजन किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। बाबा श्याम की भक्ति का विशेष महत्व श्रद्धालुओं के अनुसार, फागुन माह में बाबा श्याम की भक्ति का विशेष महत्व होता है। भक्त निशान यात्रा में शामिल होकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


