Jaipur Traffic Jam : जयपुर का ट्रैफिक जाम खत्म करने का मिला सॉल्यूशन, द्रव्यवती नदी को लेकर विशेषज्ञों ने दिया बड़ा सुझाव

Jaipur Traffic Jam : जयपुर का ट्रैफिक जाम खत्म करने का मिला सॉल्यूशन, द्रव्यवती नदी को लेकर विशेषज्ञों ने दिया बड़ा सुझाव

Jaipur Traffic Jam : सीकर रोड से अजमेर रोड, टोंक रोड या शहर में कहीं भी गंतव्य तक जाने के सफर में अगर आपकी सुबह-शाम भी जाम में फंसी गाड़ियों के बीच गुजरती है, तो जयपुर शहर के मध्य बह रही द्रव्यवती नदी अब आपके लिए उम्मीद की एक नई राह है। बढ़ते यातायात दबाव के बीच विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि द्रव्यवती के किनारे समर्पित पब्लिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर विकसित किया जाए, जो शहर के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़े और सड़कों का बोझ कम करे।

जेडीए भी तलाश चुका संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि नदी के दोनों किनारों पर ट्राम या शहरी बसों के लिए समर्पित रूट बनाया जाए तो सीकर रोड, अजमेर रोड, टोंक रोड, दुर्गापुरा और बीटू बाईपास जैसे प्रमुख मार्गों से इसकी सीधी कनेक्टिविटी संभव होगी। इससे आस-पास की बड़ी कॉलोनियां और बाजार भी सीधे जुड़ सकेंगे। जेडीए भी पूर्व में इस पर संभावनाएं तलाश चुका है।

गुजरात में ई-बस की तैयारी

पड़ोसी राज्य गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट पर 9 किमी हिस्से में ई-बस संचालन की तैयारी चल रही है, जिस पर 991 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर जयपुर में करीब 47.5 किलोमीटर लंबी द्रव्यवती नदी पट्टी पर सार्वजनिक परिवहन विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है।

Jaipur Traffic Jam
द्रव्यवती नदी। फोटो-AI

प्रमुख चुनौती…जिनसे निपटना होगा

1- एलिवेटेड रोड बनाने में तकनीकी अड़चनें है। अधिक वर्षा में पानी फुटपाथ तक पहुंच सकता है।
2- पिलर लगाने से नदी का बहाव क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका।
3- 60-60 मीटर चौड़ी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण बड़ी चुनौती हो सकती है।

क्या करना होगा

1- नदी किनारे समर्पित पब्लिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर।
2- ट्राम या शहरी बसों के लिए अलग रूट तैयार करना।
3- मुख्य सड़कों और कॉलोनियों के पास स्टेशन निर्माण।
4- दोनों ओर के स्टेशनों को फुटओवर ब्रिज से जोड़ना।
5- द्रव्यवती पर छोटे पुल/रपट बनाकर कॉलोनियों को सीधे जोड़ना।

इन क्षेत्रों तक सीधी पहुंच

1- सीकर रोड।
2- अजमेर रोड।
3- टोंक रोड।
4- दुर्गापुरा।
5- बीटू बायपास।

होंगे ये फायदे

1- शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक तेज और सुगम आवागमन।
2- निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा।
3- बड़ी कॉलोनियों, बाजारों और बाहरी क्षेत्रों तक सीधी कनेक्टिविटी।
4- स्थानीय यातायात मुख्य मार्गों पर आए बिना ही नदी पार कर सकेगा।
5- शहर के बीचोंबीच कॉरिडोर पर्यटन उद्योग के लिए भी लाभकारी होगा।

सिर्फ 4-4 मीटर में ट्राम संभव

ट्राम संचालन के लिए दोनों ओर 4-4 मीटर चौड़ा ट्रैक पर्याप्त हो सकता है। मुख्य सड़कों और कॉलोनियों के पास स्टेशन बनाए जाएं और दोनों ओर के स्टेशनों को फुटओवर ब्रिज से जोड़ा जाए तो लोग कम समय में एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुंच सकेंगे। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।

द्रव्यवती पर छोटे पुल या रपट बनाकर कॉलोनियों को सीधे जोड़ा जाए। इससे स्थानीय यातायात मुख्य मार्गों पर आए बिना ही नदी पार कर सकेगा और जाम का दबाव घटेगा।
एन.सी. माथुर, पूर्व निदेशक अभियांत्रिकी

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