चाचा बोले, इधर आ, कुएं में उतरना है:मैंने डरते-डरते हां कहा; मोतिहारी के 6 साल के बच्चे ने बकरी को कैसे निकाला?

चाचा बोले, इधर आ, कुएं में उतरना है:मैंने डरते-डरते हां कहा; मोतिहारी के 6 साल के बच्चे ने बकरी को कैसे निकाला?

मुझे चाचा जी ने बुलाया, कहा- सुन कुंए में उतरना है, बकरी के बच्चे को निकलना है, निकाल लेगा? मुझे डर लग रहा था, लेकिन मैंने हां में जवाब दे दिया। फिर लोगों ने रस्सी के सहारे में मुझे नीचे उतारा.. यह कहना है, मोतिहारी के पहाड़पुर के रहने वाले 6 साल के बच्चे इरफान अंसारी का। दरअसल, मंगलवार को मोतिहारी में कुंए में गिरे बकरी के बच्चे को निकालने के लिए 8 साल के बच्चे को नीचे उतारा गया। उसके पीठ में मफलर के सहारे रस्सी बांधी गई। ग्रामीणों का कहना है कि बकरी का बच्चा खेलते खेलते कुंए में गिर गया। लोगों ने मिमियाने की आवाज सुनी तो उसे बाहर निकालने की योजनाएं बनाई गई। पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… सूखे कुएं में गिरा बकरी का बच्चा
घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है। गांव के बच्चे आंगन में खेल रहे थे और पास में बकरियों का झुंड चर रहा था। इसी दौरान एक बकरी का छोटा बच्चा उछलते हुए पास स्थित सूखे कुएं की दीवार से फिसलकर अंदर गिर गया। कुएं से तुरंत मिमियाने की आवाज आने लगी। बच्चों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। कुएं के अंदर पानी नहीं था
ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पाया कि कुआं गहरा है और निचला हिस्सा अंधेरे में डूबा हुआ है। ऊपर से बकरी के बच्चे की हलचल दिख रही थी, लेकिन उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। कुएं के अंदर पानी नहीं था, जिससे फिसलन की आशंका कम थी। ग्रामीणों ने पहले स्थिति का आकलन किया। कुएं की गहराई और संकरे मुहाने को देखते हुए किसी वयस्क के उतरने में कठिनाई की संभावना थी। इसी बीच 6 साल के एक बच्चे को नीचे उतारने की योजना बनाई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने रस्सी की व्यवस्था की। वीडियो में क्या दिखा.. 2 पॉइंट में जानिए… 6-7 लोग संभाले रहे थे नियंत्रण
ग्रामीणों ने एक मजबूत रस्सी का इंतजाम किया। बच्चे की पीठ पर मफलर रखकर उसके सहारे रस्सी बांधी गई, ताकि रस्सी का दबाव सीधे शरीर पर न पड़े और उतरने-चढ़ने में असुविधा न हो। कुएं के मुहाने पर पहुंचने से पहले बच्चे ने ग्रामीणों से धीरे-धीरे उतारने की बात कही और बताया कि वह नीचे जाकर बकरी के बच्चे को गोद में लेकर ऊपर आएगा। करीब 6-7 लोग रस्सी के दोनों सिरों पर पकड़ बनाकर खड़े रहे, ताकि संतुलन बना रहे और बच्चे को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा जा सके। सभी लोग समन्वय बनाकर धीरे-धीरे रस्सी ढीली करते रहे। कुएं के अंदर का हिस्सा अंधेरा था, लेकिन नीचे सूखा होने के कारण पैर टिकाने में सहूलियत रही। बच्चा सावधानी से नीचे पहुंचा और बकरी के बच्चे तक पहुंचने में सफल रहा। ऊपर मौजूद लोग लगातार आवाज देकर बच्चे का हौसला बढ़ाते रहे। बच्चे ने नीचे से आवाज लगाकर बताया कि उसने बकरी के बच्चे को पकड़ लिया है और अब उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचा जाए। ग्रामीणों की मौजूदगी में पूरा हुआ रेस्क्यू
संकेत मिलते ही ग्रामीणों ने समन्वित तरीके से रस्सी खींचनी शुरू की। बच्चा बकरी के बच्चे को सीने से लगाकर ऊपर आ रहा था। पूरी प्रक्रिया के दौरान रस्सी संभाल रहे लोग सतर्क रहे। कुएं के मुहाने पर पहुंचते ही दो लोगों ने झुककर बच्चे को पकड़ लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चे ने बाहर आते ही बकरी के बच्चे को जमीन पर रखा। बकरी का बच्चा सुरक्षित था, हालांकि घबराहट के कारण कांप रहा था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया। मुझे चाचा जी ने बुलाया, कहा- सुन कुंए में उतरना है, बकरी के बच्चे को निकलना है, निकाल लेगा? मुझे डर लग रहा था, लेकिन मैंने हां में जवाब दे दिया। फिर लोगों ने रस्सी के सहारे में मुझे नीचे उतारा.. यह कहना है, मोतिहारी के पहाड़पुर के रहने वाले 6 साल के बच्चे इरफान अंसारी का। दरअसल, मंगलवार को मोतिहारी में कुंए में गिरे बकरी के बच्चे को निकालने के लिए 8 साल के बच्चे को नीचे उतारा गया। उसके पीठ में मफलर के सहारे रस्सी बांधी गई। ग्रामीणों का कहना है कि बकरी का बच्चा खेलते खेलते कुंए में गिर गया। लोगों ने मिमियाने की आवाज सुनी तो उसे बाहर निकालने की योजनाएं बनाई गई। पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… सूखे कुएं में गिरा बकरी का बच्चा
घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है। गांव के बच्चे आंगन में खेल रहे थे और पास में बकरियों का झुंड चर रहा था। इसी दौरान एक बकरी का छोटा बच्चा उछलते हुए पास स्थित सूखे कुएं की दीवार से फिसलकर अंदर गिर गया। कुएं से तुरंत मिमियाने की आवाज आने लगी। बच्चों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। कुएं के अंदर पानी नहीं था
ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पाया कि कुआं गहरा है और निचला हिस्सा अंधेरे में डूबा हुआ है। ऊपर से बकरी के बच्चे की हलचल दिख रही थी, लेकिन उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। कुएं के अंदर पानी नहीं था, जिससे फिसलन की आशंका कम थी। ग्रामीणों ने पहले स्थिति का आकलन किया। कुएं की गहराई और संकरे मुहाने को देखते हुए किसी वयस्क के उतरने में कठिनाई की संभावना थी। इसी बीच 6 साल के एक बच्चे को नीचे उतारने की योजना बनाई गई। इसके बाद ग्रामीणों ने रस्सी की व्यवस्था की। वीडियो में क्या दिखा.. 2 पॉइंट में जानिए… 6-7 लोग संभाले रहे थे नियंत्रण
ग्रामीणों ने एक मजबूत रस्सी का इंतजाम किया। बच्चे की पीठ पर मफलर रखकर उसके सहारे रस्सी बांधी गई, ताकि रस्सी का दबाव सीधे शरीर पर न पड़े और उतरने-चढ़ने में असुविधा न हो। कुएं के मुहाने पर पहुंचने से पहले बच्चे ने ग्रामीणों से धीरे-धीरे उतारने की बात कही और बताया कि वह नीचे जाकर बकरी के बच्चे को गोद में लेकर ऊपर आएगा। करीब 6-7 लोग रस्सी के दोनों सिरों पर पकड़ बनाकर खड़े रहे, ताकि संतुलन बना रहे और बच्चे को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा जा सके। सभी लोग समन्वय बनाकर धीरे-धीरे रस्सी ढीली करते रहे। कुएं के अंदर का हिस्सा अंधेरा था, लेकिन नीचे सूखा होने के कारण पैर टिकाने में सहूलियत रही। बच्चा सावधानी से नीचे पहुंचा और बकरी के बच्चे तक पहुंचने में सफल रहा। ऊपर मौजूद लोग लगातार आवाज देकर बच्चे का हौसला बढ़ाते रहे। बच्चे ने नीचे से आवाज लगाकर बताया कि उसने बकरी के बच्चे को पकड़ लिया है और अब उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचा जाए। ग्रामीणों की मौजूदगी में पूरा हुआ रेस्क्यू
संकेत मिलते ही ग्रामीणों ने समन्वित तरीके से रस्सी खींचनी शुरू की। बच्चा बकरी के बच्चे को सीने से लगाकर ऊपर आ रहा था। पूरी प्रक्रिया के दौरान रस्सी संभाल रहे लोग सतर्क रहे। कुएं के मुहाने पर पहुंचते ही दो लोगों ने झुककर बच्चे को पकड़ लिया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चे ने बाहर आते ही बकरी के बच्चे को जमीन पर रखा। बकरी का बच्चा सुरक्षित था, हालांकि घबराहट के कारण कांप रहा था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *