क्राइम रिपोर्टर|मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों में कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और बड़ी छापेमारी के लिए जाने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व अब डीएसपी रैंक के पदाधिकारी करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गंभीर आपराधिक मामलों और संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई में वरीय स्तर की निगरानी सुनिश्चित की जाए। वहीं, विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित जिले के एसएसपी या एसपी स्वयं पुलिस टीम का नेतृत्व करेंगे। मुख्यालय ने विभिन्न जिलों में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमलों को देखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि लॉ एंड ऑर्डर संधारण के लिए निकलने वाली हर टीम वर्दी में होगी। इसके साथ ही पुलिस सुरक्षात्मक किट का अनिवार्य रूप से उपयोग करेगी। सभी चारपहिया पुलिस वाहनों में प्रोटेक्टिव गियर उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा। अभियुक्तों की गिरफ्तारी या माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम के पास पर्याप्त हथियार रहेंगे। हमले की स्थिति में अधिकतम टियर गैस और रबड़ गोली के उपयोग पर जोर दिया गया है पुलिस मुख्यालय ने साफ कहा है कि जो पुलिस पदाधिकारी और जवान वर्दी में नहीं रहेंगे या सुरक्षात्मक किट का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मियों का वेतन-भत्ता और तेरहवें महीने का वेतन जब्त किया जा सकता है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। जिले में पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब पुलिसकर्मी बिना वर्दी और सुरक्षा उपकरण के ही छापेमारी के लिए निकल गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मुख्यालय ने जिम्मेदारी तय करने को कहा है। सुरक्षात्मक किट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पुलिस लाइन डीएसपी को सौंपी गई है। क्राइम रिपोर्टर|मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों में कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी और बड़ी छापेमारी के लिए जाने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व अब डीएसपी रैंक के पदाधिकारी करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गंभीर आपराधिक मामलों और संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई में वरीय स्तर की निगरानी सुनिश्चित की जाए। वहीं, विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित जिले के एसएसपी या एसपी स्वयं पुलिस टीम का नेतृत्व करेंगे। मुख्यालय ने विभिन्न जिलों में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हुए हमलों को देखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि लॉ एंड ऑर्डर संधारण के लिए निकलने वाली हर टीम वर्दी में होगी। इसके साथ ही पुलिस सुरक्षात्मक किट का अनिवार्य रूप से उपयोग करेगी। सभी चारपहिया पुलिस वाहनों में प्रोटेक्टिव गियर उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा। अभियुक्तों की गिरफ्तारी या माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम के पास पर्याप्त हथियार रहेंगे। हमले की स्थिति में अधिकतम टियर गैस और रबड़ गोली के उपयोग पर जोर दिया गया है पुलिस मुख्यालय ने साफ कहा है कि जो पुलिस पदाधिकारी और जवान वर्दी में नहीं रहेंगे या सुरक्षात्मक किट का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मियों का वेतन-भत्ता और तेरहवें महीने का वेतन जब्त किया जा सकता है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। जिले में पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब पुलिसकर्मी बिना वर्दी और सुरक्षा उपकरण के ही छापेमारी के लिए निकल गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मुख्यालय ने जिम्मेदारी तय करने को कहा है। सुरक्षात्मक किट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पुलिस लाइन डीएसपी को सौंपी गई है।


