23 फरवरी 2026/ प्रदेश में अवैध औषधियों के क्रय-विक्रय और भंडारण पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश की मुख्यालय टीम ने आगरा में बड़े स्तर पर छापेमारी की। टीम ने 22 फरवरी को शहर के कई मेडिकल प्रतिष्ठानों की जांच की, जहां फिजीशियन सैम्पल और संदिग्ध दवाओं से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं।
कार्रवाई के दौरान हींग गली, फव्वारा निवासी जुबैर के घर से फोराकोर्ट इनहेलर दवा के 8000 प्रिंटेड लेबल बरामद किए गए, जिनका उपयोग नकली दवाएं बनाने में किए जाने की आशंका जताई गई है। वहीं कमला मार्केट के कॉमन कॉरिडोर से लावारिस हालत में स्पास्मोप्रोक्सीवॉन (ट्रामाडॉल) कैप्सूल और भारी मात्रा में फिजीशियन सैम्पल मिले, जिनमें से पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि बाकी स्टॉक को जब्त कर लिया गया।
मेसर्स विश्वनाथ फार्मा की जांच में फर्म में औषधि बिक्री के मुकाबले 7.40 लाख रुपये नकद पाए गए, जो औसत बिक्री से अधिक हैं। इस मामले में नकदी और दवा खरीद-बिक्री का मिलान कर जांच की जाएगी। वहीं भगवती ड्रग सेंटर और तनु मेडिकल एजेंसी में स्टॉक और लेजर रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई। तनु मेडिकल एजेंसी में फिजीशियन सैम्पल भी मिले, जिनके नमूने विश्लेषण के लिए लिए गए। दुकान बंद मिलने पर संबंधित दो गोदामों को सील कर दिया गया, जिनकी जांच आगे की जाएगी।
विभाग के अनुसार, जांच में सामने आए लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी स्तर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


