पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत बड़ा सारसा गांव में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ रविवार को पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष रंजन साहा ने फीता काटकर कथा का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव विश्व के गुरु हैं और समस्त सृष्टि के कल्याणकर्ता हैं। शिव महापुराण कथा का श्रवण करने से लोगों को आध्यात्मिक लाभ मिलता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। अभिमान त्यागने का दिया संदेश उद्घाटन के बाद बनारस काशी से पहुंचे कथावाचक विकास गौतम महाराज ने भगवान शिव की लीलाओं और महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उनके प्रवचन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में किसी भी प्रकार का अभिमान नहीं करना चाहिए, चाहे व्यक्ति ने कितना भी पुण्य कार्य क्यों न किया हो। उन्होंने रावण के अभिमान का उदाहरण देते हुए बताया कि अहंकार अंततः विनाश का कारण बनता है और भगवान स्वयं उसका अंत कर कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कथा के दौरान शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख कर भक्तों को धर्म और भक्ति का संदेश दिया गया। भक्तिमय हुआ इलाके का माहौल शिव महापुराण कथा के आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया है। कथा स्थल पर हर ओर भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है। आयोजन को सफल बनाने में कृष्णा साहा, करुण मंडल सहित गांव के अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को आस्था और भक्ति का केंद्र बताया और कहा कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सात दिनों तक चलने वाली इस कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।


