The Kerala Story 2 Director Reacts To Anurag Kashyap: फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। फिल्म के कंटेंट, खासकर ‘बीफ’ खिलाने वाले सीन्स को लेकर बॉलीवुड दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। फेमस डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने जहां इस फिल्म को ‘बकवास प्रोपेगेंडा’ करार दिया है। ऐसे में अब अनुराग कश्यप के बयान को लेकर इस फिल्म के डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने तीखा पलटवार करते हुए फटकार लगाई है और कहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं।
अनुराग कश्यप ने बताया था द केरल स्टोरी 2 को प्रोपेगैंडा (The Kerala Story 2 Director Reacts To Anurag Kashyap)
विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक इवेंट के दौरान अनुराग कश्यप से ‘द केरल स्टोरी 2’ के ट्रेलर पर सवाल पूछा गया। अनुराग ने गुस्से में कहा, ‘द केरल स्टोरी’ बकवास मूवी है। यह बकवास प्रोपेगैंडा है। पूरी तरह बकवास। ऐसा कौन बीफ खिलाता है? ऐसा कोई खिचड़ी भी नहीं खिलाता है। बकवास पिक्चर। इसे बकवास कहते हैं।

कामाख्या सिंह का अनुराग कश्यप पर पलटवार (Anurag Kashyap Comment On The Kerala Story 2)
अनुराग के इस बयान पर डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने एक वीडियो जारी कर करारा जवाब दिया है। कामाख्या ने कहा, “डियर अनुराग सर, मुद्दा खिचड़ी या बीफ का नहीं, बल्कि ‘मर्जी’ और ‘दबाव’ का है। अगर कोई फिल्म जबरन धर्म परिवर्तन की बात उठाती है, तो उसे नफरत फैलाना कह देना बौद्धिक बेईमानी है। आपका झूठ ‘क्रिएटिव फ्रीडम’ बन जाता है और हमारा सच ‘प्रोपेगेंडा’?”
कामाख्या ने अनुराग कश्यप को बताया दुर्बल (Anurag Kashyap slams “The Kerala Story 2” as propaganda film)
कामाख्या ने आगे कहा कि अनुराग कश्यप अब मानसिक रूप से दुर्बल हो गए हैं। उन्हें हर चीज से दिक्कत है- चाहे वह ब्राह्मण हों, नेटफ्लिक्स हो या पूरी फिल्म इंडस्ट्री। कामाख्या ने अनुराग की पुरानी फिल्म ‘द गर्ल इन येलो बूट्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि जो इंसान पिता-पुत्री के अनैतिक संबंधों की कल्पना कर सकता है, उसकी सोच सभ्य समाज से परे है।

“मासूम बेटियों को खिलाया जा रहा है बीफ”
वीडियो में कामाख्या ने दावा किया कि दुर्भाग्यवश हमारे समाज में मासूम बेटियों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए उन्हें डरा-धमकाकर बीफ खिलाया जा रहा है और यह एक अपराध है। उन्होंने कहा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ सच्ची घटनाओं पर आधारित है और जनता इसके ट्रेलर को पसंद कर रही है। आखिर में उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अनुराग की फिल्में पिछले कई सालों से फ्लॉप हो रही हैं, इसलिए समाज ने उन्हें गंभीरता से लेना बंद कर दिया है।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर दोनों निर्देशकों के फैंस आपस में भिड़ गए हैं। जहां एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की आजादी बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे समाज में जहर घोलने वाली फिल्म मान रहा है।


