CG Forest Fire: छत्तीसगढ़ के रायपुर में गर्मी के दस्तक देते ही राज्य के जंगलों में आग लगने की घटनाओं में रोजाना इजाफा हो रहा है। 1 जनवरी से लेकर 19 फरवरी 2026 तक 205 स्थानों पर आग लग चुकी है। जहां 1 से 21 फरवरी को 45 स्थानों पर आग लगी। वहीं 21 फरवरी को 46 स्थानों पर जंगल सुलगा।
CG Forest Fire: गर्मी के दस्तक देते ही सुलगने लगे जंगल
इनमें बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा 16, उदंती में 11, बस्तर में 5, सांरगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में 3-3, कोंडागांव में 2, धमतरी, धर्मजयगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, महासमुंद और रायपुर जिले में 1-1 स्थान शामिल है। वन विभाग के फायर वॉचर्स और स्थानीय वन ग्राम समितियों के लोग आग को बुझाने में जुटे हैं। वन क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं हर साल बढ़ रही हैं।
जहां 2006 में सबसे कम 99 और 2025 में सबसे ज्यादा 19063 स्थानों में आगजनी की घटनाएं हुईं। इसकी मुख्य वजह स्थानीय ग्रामीण और राहगीरों द्वारा बीड़ी-सिगरेट पीकर लापरवाहीपूर्वक फेंकना, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा महुआ का संग्रहण करने के लिए पेड़ के नीचे आग लगाना और शिकारियों द्वारा वन्य प्राणियों का शिकार करना है। इसे देखते हुए स्थानीय वन अमला और वन्य ग्राम समितियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जंगलों को आगजनी से बचाया जा सके।
वनौषधि और पेड़-पौधों को भारी नुकसान
आगजनी से जंगलों के झुलसने के साथ ही वनौषधि और पौधे जलकर राख हो जाते हैं वहीं इसकी चपेट में आने से वन्य प्राणियों की मौत हो जाती है। इस राज्य सरकार को हर साल लाखों रुपए का नुकसान होता है। वहीं जंगलों में प्रदूषण के फैलने से स्थानीय वन्य ग्राम में रहने वालों को इसका खमियाजा उठाना पड़ता है।
इसे देखते हुए उन्हें जागरूक किया जा रहा है। आगजनी होने पर तुरंत सूचना देने और आग बुझाने में सहयोग की अपील सभी डीएफओ द्वारा की जा रही है। बता दें कि 2025 के दौरान रोजाना औसतन 52-53 स्थानों में आगजनी की घटनाएं हुईं।
ड्रोन के जरिए निगरानी
उदंती सीतानदी और अचानकमार टाइगर रिजर्व में ड्रोन के जरिए आगजनी की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। धुआं दिखाई देने पर तत्काल टीम को भेजा जा रहा है। आगामी तेंदूपत्ता तुडा़ई को देखते हुए सभी वनमंडल अधिकारियों को इस काम में लगे संग्राहकों और महुआ बीनने वालों को खासतौर पर समझाइस देने कहा गया है। बीजापुर सबसे ज्यादा प्रभावित, फायर वॉचर्स और वन ग्राम समितियां मोर्चे पर लापरवाही, महुआ संग्रहण और शिकार बनी बड़ी वजह…
फैक्ट फाइल
वर्ष — आगजनी की घटना
2020 — 4713
2021 — 22191
2022 — 18447
2023 — 13096
2024 — 14776
2025 — 19063
2026 — 251
(1 जनवरी से अब तक)


