बांसजोर प्रखंड की तरगा पंचायत के ब्राह्मण टोली निवासी 94 वर्षीय कलावती देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि वह जीवित हैं। सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के बाद से उनकी पेंशन पिछले तीन वर्षों से बंद है। परिवार के अनुसार, वृद्ध होने के साथ-साथ कलावती देवी दिव्यांग भी हैं। ऐसे में उम्र के इस पड़ाव पर पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारे का अहम जरिया थी। रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के बाद उनका आधार भी निष्क्रिय कर दिया गया। इससे परिवार को राशन लेने में भी परेशानी हो रही है। पेंशन बंद होने के बाद अब राशन का लाभ भी प्रभावित हो गया है। परिवार का कहना है कि कलावती देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किए जाने की वजह से यह स्थिति बनी है। मामले को लेकर परिवार की ओर से बांसजोर के बीडीओ को लिखित आवेदन दिया गया है। आवेदन पर पंचायत की मुखिया की ओर से अनुशंसा किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे परिवार परेशान है। कलावती देवी के बेटे जगदीश महापात्र ने बताया कि उनकी मां जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखा दिया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच कर यह पता लगाया जाए कि जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत किसकी गलती से दर्ज किया गया। साथ ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने कलावती देवी की पेंशन और राशन की सुविधा तत्काल शुरू करने की मांग की है। इसके अलावा जिस अवधि में उन्हें गलत तरीके से मृत दर्ज कर पेंशन से वंचित रखा गया, उस पूरे बकाया पेंशन का भुगतान करने की भी मांग की गई है। बांसजोर प्रखंड की तरगा पंचायत के ब्राह्मण टोली निवासी 94 वर्षीय कलावती देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि वह जीवित हैं। सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के बाद से उनकी पेंशन पिछले तीन वर्षों से बंद है। परिवार के अनुसार, वृद्ध होने के साथ-साथ कलावती देवी दिव्यांग भी हैं। ऐसे में उम्र के इस पड़ाव पर पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारे का अहम जरिया थी। रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के बाद उनका आधार भी निष्क्रिय कर दिया गया। इससे परिवार को राशन लेने में भी परेशानी हो रही है। पेंशन बंद होने के बाद अब राशन का लाभ भी प्रभावित हो गया है। परिवार का कहना है कि कलावती देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किए जाने की वजह से यह स्थिति बनी है। मामले को लेकर परिवार की ओर से बांसजोर के बीडीओ को लिखित आवेदन दिया गया है। आवेदन पर पंचायत की मुखिया की ओर से अनुशंसा किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे परिवार परेशान है। कलावती देवी के बेटे जगदीश महापात्र ने बताया कि उनकी मां जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखा दिया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच कर यह पता लगाया जाए कि जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत किसकी गलती से दर्ज किया गया। साथ ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने कलावती देवी की पेंशन और राशन की सुविधा तत्काल शुरू करने की मांग की है। इसके अलावा जिस अवधि में उन्हें गलत तरीके से मृत दर्ज कर पेंशन से वंचित रखा गया, उस पूरे बकाया पेंशन का भुगतान करने की भी मांग की गई है।

