900 जवान, 80 CCTV और कई राज्यों में छापेमारी:अंकित हत्याकांड के 5 दिन बाद भी शूटर फरार, शामली में अब वर्मा मार्केट पर पुलिस का पहरा

900 जवान, 80 CCTV और कई राज्यों में छापेमारी:अंकित हत्याकांड के 5 दिन बाद भी शूटर फरार, शामली में अब वर्मा मार्केट पर पुलिस का पहरा

शामली में अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस की जांच अब सिर्फ शूटरों की तलाश तक सीमित नहीं रह गई है। पांच दिन की पड़ताल में पुलिस ने वारदात से पहले की रेकी, हमलावरों की गतिविधियों और उनके भागने के रास्ते की कड़ियां जोड़ने पर फोकस किया है। करीब 80 CCTV कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इसी जांच का आधार हैं। शूटरों को चिह्नित करने का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। उन्हें पकड़ने के लिए शामली समेत कई जिलों की पुलिस, यूपी एसटीएफ और हरियाणा पुलिस-एसटीएफ की टीमें लगाई गई हैं। इन टीमों में 900 से ज्यादा जवान शामिल हैं। हत्याकांड से जुड़ा पहला CCTV देखिए- वारदात अचानक नहीं थी, दो घंटे पहले शुरू हो गई थी तैयारी पुलिस की अब तक की जांच में एक अहम बात सामने आई है। हमलावर अंकित के जिम से बाहर आने के समय ही मौके पर नहीं पहुंचे थे, बल्कि करीब दो घंटे पहले से मार्केट में उनकी मौजूदगी थी। वे वहां घूमते रहे, सिगरेट पी और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। इससे पुलिस को अंदेशा है कि हमलावरों ने पहले से अंकित की दिनचर्या और जिम से बाहर निकलने के समय की जानकारी जुटाई थी। शाम करीब 6:42 बजे अंकित जिम से बाहर निकले। इसी दौरान उन्हें घेरकर गोलियां मारी गईं। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। 80 कैमरों में तलाशा जा रहा है शूटरों का पूरा मूवमेंट जांच की सबसे अहम कड़ी अब CCTV फुटेज बनी हुई है। सहारनपुर SOG की टीम शुक्रवार को दोबारा घटनास्थल पर पहुंची। जिम का रजिस्टर चेक करने के साथ आसपास के लोगों से जानकारी ली गई। इसके बाद हत्या वाले इलाके और आसपास लगे करीब 80 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। पुलिस इन फुटेज को अलग-अलग देखकर नहीं, बल्कि एक साथ जोड़कर घटनाक्रम तैयार कर रही है। कोशिश यह पता लगाने की है कि शूटर किस रास्ते से मार्केट में पहुंचे, कितनी देर वहां रहे, अंकित के बाहर आने से पहले कहां-कहां गए और वारदात के बाद किस रास्ते से निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से फुटेज का मिलान मेरठ एसटीएफ ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए हैं। पुलिस CCTV में सामने आ रही गतिविधियों को प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी से मिलाकर संदिग्धों की भूमिका और उनकी पहचान पुख्ता करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। शूटरों को चिह्नित किए जाने का दावा भी किया गया है, लेकिन वारदात की पूरी कड़ी अभी सामने नहीं आई है। यही वजह है कि पुलिस गिरफ्तारी से पहले उन तक पहुंचने वाले हर लिंक को सत्यापित कर रही है। जांच का दायरा शामली से हरियाणा और दिल्ली तक शूटरों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दूसरे राज्यों में दबिश दे रही हैं। शनिवार को पानीपत, सोनीपत, करनाल और रोहतक के अलावा दिल्ली में भी कई स्थानों पर टीमें पहुंचीं। हिसार समेत अन्य संभावित ठिकानों पर भी संदिग्धों की तलाश की जा चुकी है। शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ पुलिस की टीमें जांच में शामिल हैं। मेरठ और लखनऊ एसटीएफ के साथ हरियाणा के सोनीपत की पुलिस और एसटीएफ भी ऑपरेशन में जुटी है। चार दिन का भरोसा पूरा, अब वर्मा मार्केट पर पुलिस की निगरानी अंकित की हत्या के बाद परिजनों और समर्थकों ने दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित वर्मा मार्केट के सामने शव रखकर जाम लगाया था। पुलिस-प्रशासन ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देते हुए चार दिन का समय मांगा था। शनिवार को यह समय पूरा हो गया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बाद वर्मा मार्केट के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। मेरठ जोन के एडीजी की स्पेशल टीम, डीआईजी सहारनपुर की टीम और मुजफ्फरनगर व सहारनपुर की स्पेशल टीमों के पुलिसकर्मी यहां तैनात किए गए हैं। शहर में चेकिंग और निगरानी भी बढ़ाई गई है। खुलासे के लिए पुराने ऑपरेशन में माहिर पुलिसकर्मी मैदान में मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन पुलिसकर्मियों को भी जांच में लगाया है, जो पहले इनामी और कुख्यात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर वीरेंद्र कसाना और कुलदीप सिंह समेत अन्य तेजतर्रार पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। एसपी ने सभी थानों के पुलिसकर्मियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। घटना के समय ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच भी शुरू कराई गई है। कैंडल मार्च के बीच पुलिस का पहरा, जन्माष्टमी पर भी चेकिंग अंकित हत्याकांड को लेकर शनिवार शाम जाट एकता दल ने कैंडल मार्च निकाला। नाला पटरी से शुरू होकर मार्च हनुमान चौक तक पहुंचा। कार्यक्रम के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। जन्माष्टमी को देखते हुए भी शहर में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई और लगातार चेकिंग की गई। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती गिरफ्तारी पुलिस के पास फिलहाल तीन अहम कड़ियां हैं—CCTV में कैद गतिविधियां, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और जांच में सामने आए संदिग्धों के लिंक। शूटरों को चिह्नित करने के दावे के बाद जांच का अगला और सबसे अहम पड़ाव उनकी गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस हरियाणा और दिल्ली में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी पुलिस की पकड़ के बहुत नजदीक हैं। टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला ने भी जांच में अहम सुराग मिलने की बात कही है। ——————————– अंकित हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- 1. सिंगर को गोली मारकर शूटर्स बोले- काम हो गया:अखिलेश बोले- हम अंकित बालियान का स्मारक बनवाएंगे; शामली हत्याकांड का VIDEO शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या करने वाले बदमाशों का सीसीटीवी सामने आया। वे भागते हुए किसी से फोन पर बात कर रहे थे। लग रहा था जैसे वे कह रहे हों- काम हो गया है। फिलहाल, पुलिस अब तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। इस हत्याकांड पर सियासत भी शुरू हो गई है। सपा सांसद इकरा हसन ने परिवार से मुलाकात की। अंकित के पिता से अखिलेश यादव की बात भी करवाई। VIDEO देखिए… 2. पिता बोले- बेटा फौजी बनना चाहता था:सरकारें जो कहती हैं, अब करके दिखाएं; हत्यारों का एनकाउंटर हो ‘योगीजी कहते हैं कि अपराधी एक चौराहे से भागेंगे, तो दूसरे पर ढेर कर दिए जाएंगे…। लखनऊ में बैठकर बातें करने से कुछ नहीं होगा। जो कहते हैं, वो यहां करके दिखाइए। मेरा बेटा मेरी तरह फौजी बनना चाहता था। वो सपना पूरा नहीं हुआ, तो वीडियो बनाने लगा। मुझे उस पर गर्व है।’ यह दर्द और गुस्सा है अंकित बालियान के पिता सतबीर बालियान का। पूरी खबर पढ़िए

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