80 साल बाद गांव में बिजली पहुंचने की उम्मीद:चित्रकूट के कोल्हुवामाफी में बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू

80 साल बाद गांव में बिजली पहुंचने की उम्मीद:चित्रकूट के कोल्हुवामाफी में बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू

चित्रकूट की कर्वी तहसील के कोल्हुवामाफी गांव में अब अंधेरा दूर होने की उम्मीद जगी है। आजादी के करीब 80 साल बाद गांव के कोल आदिवासी परिवारों तक बिजली पहुंचाने के लिए लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। विभाग की ओर से नवंबर में बिजली सप्लाई शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है। गांव में बिजली पहुंचाने के लिए जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी अर्चना नितिन उपाध्याय ने छह महीने से ज्यादा समय तक अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जिलाधिकारी से लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों तक उनकी मांग पहुंचाई। लगातार पैरवी के बाद अब काम शुरू हुआ है। छह महीने तक अधिकारियों से किया संपर्क अर्चना नितिन उपाध्याय ने गांव में बिजली की समस्या को लेकर प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों से लगातार बातचीत की। उन्होंने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और बिजली विभाग के अधिकारियों के सामने ग्रामीणों की परेशानी रखी। इसके बाद गांव में बिजली की लाइन बिछाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा था असर गांव में बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। रात में रोशनी की व्यवस्था करना भी परिवारों के लिए मुश्किल था। इसके अलावा रोजमर्रा के कामकाज में भी ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती थी। बिजली पहुंचने से इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। डीएम और बिजली विभाग से की पैरवी अर्चना नितिन उपाध्याय ने ग्रामीणों की समस्या जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके यादव तक पहुंचाई। उन्होंने अधिकारियों से गांव में बिजली कनेक्शन की व्यवस्था कराने की मांग की। लगातार प्रयासों के बाद लाइन बिछाने का काम शुरू हो सका। सामूहिक प्रयास से शुरू हुआ काम अर्चना नितिन उपाध्याय ने इस काम में सहयोग के लिए जिलाधिकारी, अधीक्षण अभियंता आरके यादव, प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों और मीडिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गांव तक बिजली पहुंचाने की दिशा में यह सामूहिक प्रयास का नतीजा है। अब ग्रामीणों को नवंबर में बिजली सप्लाई शुरू होने का इंतजार है।

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