72 साल की महिला की मौत को समझा था प्राकृतिक, गायब गहनों ने खोल दिया राज

72 साल की महिला की मौत को समझा था प्राकृतिक, गायब गहनों ने खोल दिया राज

Karnataka Crime News: मंगलुरु में 72 साल की बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में दक्षिण कन्नड़ की सत्र अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने महिला की केयरटेकर समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 26 जनवरी 2021 को हुई इस घटना को शुरुआत में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण सामान्य मौत माना जा रहा था। हालांकि, डॉक्टरों की सतर्कता और पुलिस की फॉरेंसिक जांच ने एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग महिला की हत्या उनके ही घर में रखी गई केयरटेकर ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर सोने के गहने लूटने की नीयत से की थी।

बीमारी का बहाना बनाकर रची साजिश

जनवरी 2021 में मंगलोर के रहने वाले रोनाल्ड कार्लो को उनकी भाभी ने फोन करके बताया कि उनकी 72 साल की मां बेनेडिक्ट कार्लो अचानक बेहोश हो गई हैं। बेनेडिक्ट डायबिटीज और बीपी से पीड़ित थी, जबकि उनके पति भी लकवे (पैरालिसिस) के कारण बिस्तर पर रहते थे। उनकी देखरेख के लिए परिवार ने दूर की एक रिश्तेदार एल्मा प्रेस्चिथ बरेटो को केयरटेकर के रूप में रखा था।
जब रोनाल्ड अपनी मां को अस्पताल ले गए, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला यहीं खत्म हो सकता था, लेकिन डॉक्टरों को मृतका की गर्दन, कंधे और हाथ पर चोट के कुछ संदिग्ध निशान दिखे। इसके बाद तुरंत पुलिस को खबर दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

घर से गायब जेवर और केयरटेकर का अजीब जवाब

पुलिस अधिकारी जब मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने परिवार को घर में रखे सामान की जांच करने को कहा। जांच में पता चला कि जीसस क्रॉस वाली सोने की चेन, सात अंगूठियां, चूड़ियां और बालियां गायब मिली। उधर, केयरटेकर बरेटो बिना बताए घर से गायब थी और फोन भी नहीं उठा रही थी। जब बेटे ने किसी तरह बरेटो से संपर्क कर अंतिम संस्कार में न आने की वजह पूछी, तो उसने सीधे तौर पर कहा कि मैंने कुछ नहीं किया। बिना किसी आरोप के ही केयरटेकर का यह अजीब जवाब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया।

पहले जहर देने की कोशिश, फिर तकिए से दबाया मुंह

पुलिस ने बरेटो को हिरासत में लेकर जब सखती से पूछताछ की, तो पूरी कहानी सामने आ गी। इस साजिश में उसका प्रेमी सतीश और उसका एक दोस्त चरण कुमार भी शामिल थे। आरोपियों का मकसद बुजुर्ग महिला के कीमती गहने चुराना था।
शुरुआत में बरेटो ने चाय और कॉफी में कीटनाशक मिलाकर महिला को धीरे-धीरे जहर देने की कोशिश की, लेकिन जब इसका असर नहीं हुआ, तो उन्होंने वारदात को अंजाम देने का दूसरी रास्ता चुना। 26 जनवरी 2021 को बरेटो ने बुजुर्ग महिला के पैर पकड़े और उसके साथी चरण कुमार ने तकिए से मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी।

फोन कॉल्स और ऑडियो नोट्स से पकड़ाया सच

इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह न होने के कारण पुलिस ने अपनी जांच को पूरी तरह डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों पर केंद्रित किया। जांच के दौरान सामने आया कि वारदात के 24 घंटों के भीतर आरोपियों के बीच 130 से अधिक फोन कॉल हुई थी। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के बीच साझा किए गए व्हाट्सएप ऑडियो नोट्स और मैसेज भी निकाल लिए। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे गए वॉइस सैंपल की रिपोर्ट में आरोपियों की आवाज ऑडियो नोट्स से मैच हो गई, जिससे अदालत के समक्ष आरोपियों का जुर्म पूरी तरह साबित हो गया।

अदालत ने सुनाया उम्रकैद का फैसला

किसी गवाह के न होने के बावजूद, फॉरेंसिक सबूतों, कॉल रिकॉर्ड्स और लूटे गए गहनों की बरामदगी के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी माना। दक्षिण कन्नड़ की दूसरी अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने तीनों दोषियों बरेटो, सतीश और चरण कुमार को हत्या और डकैती की धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

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