पटना को कचरा मुक्त बनाने के लिए सभी अंचलों में मॉडर्न गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा। शहर की विभिन्न जगहों पर 6 गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण में करीब 69.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सबसे ज्यादा खर्च पटना सिटी अंचल में होगा। यहां करीब 13.97 करोड़ रुपये से निर्माण किया जाएगा। हालांकि, अभी जमीन सर्वे में 4 अंचल के लिए प्रस्तावित जगह चिन्हित कर ली गयी है। वहीं, पटना सिटी अंचल और अजीमाबाद अंचल में जमीन नहीं मिली है। आधुनिक मशीनों से होगा कचरे का डिस्पोजल यह कचरा ट्रांसफर स्टेशन आधुनिक मशीनों जैसे कंपैक्टर, कन्वेयर और हाइड्रोलिक सिस्टम से सुसज्जित होगा, जिससे कचरे का निपटान तुरंत, सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से किया जा सकेगा। यह स्टेशन शहर की वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगा, जिससे लोकल कलेक्शन पॉइंट से कचरे को फाइनल प्रोसेसिंग या डिस्पोजल साइट तक पहुंचाना संभव होगा। कचरे को निर्मित विशेष प्लेटफार्मों पर उतारा जाएगा इन कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर, घरों, दुकानों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से छोटे वाहनों (जैसे टिपर, रिक्शा, ई-रिक्शा आदि) द्वारा इकट्ठा किए गए कचरे को गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन परिसर में निर्मित विशेष प्लेटफार्मों पर उतारा जाएगा। इसके बाद कचरे को मशीनों द्वारा संकुचित किया जाएगा, जिससे एक बार में अधिक मात्रा में कचरा लोड किया जाएगा और सीधे प्रोसेसिंग प्लांट या लैंडफिल स्थल पर भेजा जाएगा। पटना को कचरा मुक्त बनाने के लिए सभी अंचलों में मॉडर्न गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन बनाया जाएगा। शहर की विभिन्न जगहों पर 6 गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन के निर्माण में करीब 69.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सबसे ज्यादा खर्च पटना सिटी अंचल में होगा। यहां करीब 13.97 करोड़ रुपये से निर्माण किया जाएगा। हालांकि, अभी जमीन सर्वे में 4 अंचल के लिए प्रस्तावित जगह चिन्हित कर ली गयी है। वहीं, पटना सिटी अंचल और अजीमाबाद अंचल में जमीन नहीं मिली है। आधुनिक मशीनों से होगा कचरे का डिस्पोजल यह कचरा ट्रांसफर स्टेशन आधुनिक मशीनों जैसे कंपैक्टर, कन्वेयर और हाइड्रोलिक सिस्टम से सुसज्जित होगा, जिससे कचरे का निपटान तुरंत, सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से किया जा सकेगा। यह स्टेशन शहर की वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगा, जिससे लोकल कलेक्शन पॉइंट से कचरे को फाइनल प्रोसेसिंग या डिस्पोजल साइट तक पहुंचाना संभव होगा। कचरे को निर्मित विशेष प्लेटफार्मों पर उतारा जाएगा इन कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर, घरों, दुकानों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से छोटे वाहनों (जैसे टिपर, रिक्शा, ई-रिक्शा आदि) द्वारा इकट्ठा किए गए कचरे को गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन परिसर में निर्मित विशेष प्लेटफार्मों पर उतारा जाएगा। इसके बाद कचरे को मशीनों द्वारा संकुचित किया जाएगा, जिससे एक बार में अधिक मात्रा में कचरा लोड किया जाएगा और सीधे प्रोसेसिंग प्लांट या लैंडफिल स्थल पर भेजा जाएगा।


