गयाजी के लुटुआ थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ के जवानों ने मंगलवार को छिपाकर रखे गए 5 किलोग्राम के आईईडी बम को बरामद किया। आईईडी बम जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए लगाया गया था। आईईडी बम बरामद किए जाने के बाद क्षेत्र में सर्च अभियान और तेज कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 215 बटालियन सीआरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि नागोबार इलाके के जंगलों में नक्सलियों ने विस्फोटक छिपाकर रखा है। सूचना मिलते ही कमांडेंट विनोद कुमार मोहराली के निर्देशन में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान का नेतृत्व कंपनी कमांडर बासुमतारी कर रहे थे। बीप जैसी आवाज के बाद सतर्क हुए सुरक्षा बल के जवान सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम “साडो अभियान” के तहत जंगल और पहाड़ी इलाकों में लगातार तलाशी ले रही थी। इसी दौरान जवान एक पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे तो अचानक डीएसएमडी की बीप जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही जवान सतर्क हो गए और आसपास की बारीकी से जांच शुरू की गई। तलाशी के दौरान जमीन के अंदर दबाकर रखा गया करीब पांच किलो वजन का शक्तिशाली आईईडी बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के इरादे से इसे प्लांट किया था। अगर समय रहते इसका पता नहीं चलता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। सीआरपीएफ की बीडीएस टीम ने बम को किया डिफ्यूज आईईडी मिलने के बाद तुरंत सीआरपीएफ की बीडीएस टीम को बुलाया गया। टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद पूरे इलाके की दोबारा सघन जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली लगातार जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की गतिविधियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि जवान पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बल जंगल और पहाड़ी इलाकों में लगातार कॉम्बिंग कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। गयाजी के लुटुआ थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ के जवानों ने मंगलवार को छिपाकर रखे गए 5 किलोग्राम के आईईडी बम को बरामद किया। आईईडी बम जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए लगाया गया था। आईईडी बम बरामद किए जाने के बाद क्षेत्र में सर्च अभियान और तेज कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 215 बटालियन सीआरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि नागोबार इलाके के जंगलों में नक्सलियों ने विस्फोटक छिपाकर रखा है। सूचना मिलते ही कमांडेंट विनोद कुमार मोहराली के निर्देशन में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान का नेतृत्व कंपनी कमांडर बासुमतारी कर रहे थे। बीप जैसी आवाज के बाद सतर्क हुए सुरक्षा बल के जवान सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम “साडो अभियान” के तहत जंगल और पहाड़ी इलाकों में लगातार तलाशी ले रही थी। इसी दौरान जवान एक पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे तो अचानक डीएसएमडी की बीप जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही जवान सतर्क हो गए और आसपास की बारीकी से जांच शुरू की गई। तलाशी के दौरान जमीन के अंदर दबाकर रखा गया करीब पांच किलो वजन का शक्तिशाली आईईडी बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के इरादे से इसे प्लांट किया था। अगर समय रहते इसका पता नहीं चलता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। सीआरपीएफ की बीडीएस टीम ने बम को किया डिफ्यूज आईईडी मिलने के बाद तुरंत सीआरपीएफ की बीडीएस टीम को बुलाया गया। टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद पूरे इलाके की दोबारा सघन जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली लगातार जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की गतिविधियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि जवान पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बल जंगल और पहाड़ी इलाकों में लगातार कॉम्बिंग कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।


