59वें उर्स-ए-शराफ़ती का परचम कुशाई से आगाज़:जुलूस में तिरंगे लेकर शामिल हुए अकीदतमंद, दिखा स्वतंत्रता दिवस का रंग

59वें उर्स-ए-शराफ़ती का परचम कुशाई से आगाज़:जुलूस में तिरंगे लेकर शामिल हुए अकीदतमंद, दिखा स्वतंत्रता दिवस का रंग

बरेली में हजरत शाह मौलाना शराफत अली मियां रहमतुल्लाह अलैह का 59वां सालाना उर्स-ए-शराफती शनिवार, 15 अगस्त को पारंपरिक जुलूस-ए-परचम कुशाई के साथ शुरू हुआ। इस बार उर्स के आगाज के साथ स्वतंत्रता दिवस का उत्साह भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में तिरंगा लेकर जुलूस में शामिल हुए और देशभक्ति के नारे लगाए। खानकाह शरीफ में सज्जादानशीन हजरत शाह गाजी मियां हुजूर की देखरेख में एक रूहानी महफिल का आयोजन किया गया। उलमा ने हजरत शाह मौलाना शराफत अली मियां के जीवन, उनकी खानकाही सेवाओं और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान हसीब रौनक सकलैनी, आमिल ककरालवी, अरबाज सकलैनी, मजहर सकलैनी और अनस सकलैनी ने नात व मनकबत पेश की, जबकि निजामत मुख्तार सकलैनी ने संभाली। नमाज-ए-जुहर के बाद दोपहर तीन बजे हजरत शाह गाजी मियां हुजूर ने जुलूस-ए-परचम कुशाई को रवाना किया। इस जुलूस का नेतृत्व हजरत सादकैन मियां और हाफिज गुलाम गौस ने किया। खानकाह शरीफ से शुरू होकर यह जुलूस ब्रह्मपुरा, शाहबाद चौक, कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप, नैनीताल रोड, कुतुबखाना और गली मनिहारान से होते हुए वापस खानकाह शरीफ पहुंचा। यहां सज्जादानशीन ने परचम स्थापित किया। जुलूस का विभिन्न स्थानों पर अकीदतमंदों के साथ-साथ स्थानीय हिंदू समुदाय के लोगों ने भी स्वागत किया। डॉ. राम किशोर और सक्सेना परिवार ने फूलों की बारिश कर जुलूस का इस्तकबाल किया। मार्ग में जगह-जगह सबील और लंगर की व्यवस्था की गई थी। कोहाड़ापीर चौराहे पर घोसी बिरादरी ने दूध वितरित किया। शावेज सकलैनी, शबाब सकलैनी, शीरोज सकलैनी, मुमताज सकलैनी, सालिक सकलैनी, मुशीर सकलैनी और तनवीर सकलैनी सहित कई अन्य लोगों ने सबील लगाकर जुलूस का स्वागत किया। कुतुबखाना चौराहे पर फैजाने शाह सकलैन फाउंडेशन ने एक स्वागत शिविर लगाया, जहां फूलों की बारिश के साथ फातिहा का आयोजन किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, जुलूस में देशभक्ति का विशेष माहौल था। अकीदतमंदों ने हाथों में तिरंगा लेकर देश की एकता और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिससे जुलूस व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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