पाल-गड़रिया समाज ने मध्यप्रदेश में अपनी बड़ी आबादी 85 सीटों पर प्रभाव का हवाला देते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रखी। भोपाल के रवीन्द्र भवन में अखिल भारतीय पाल गड़रिया महासभा द्वारा आयोजित पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यस्मृति कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। 55 लाख वोटर लेकिन टिकट नहीं मिलता सीएम के सामने अखिल भारतीय गड़रिया महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोती श्रीपाल ने कहा कि प्रदेश में समाज की 80 से 85 लाख आबादी है, जिसमें 50 से 55 लाख मतदाता हैं, लेकिन समाज को अब तक अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने सरपंच से लेकर विधानसभा तक समाज को भागीदारी देने की मांग की। जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाल-गड़रिया समाज कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि बोर्ड में समाज के लोगों को अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में अभी समय है और कुछ बातें बोलने की होती हैं, जबकि कुछ बातों को समझना होता है। चंदला विधानसभा में 50 हजार पाल-गड़रिया समाज गड़रिया महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोती श्रीपाल ने कहा यह समाज आपसे जुड़ी हुई है। आपको इसकी चिंता करनी होगी। मध्यप्रदेश की 230 विधानसभाओं में 80 से 85 लाख आबादी रहती है, जिसमें से 50-55 लाख तो सिर्फ वोटर हैं। लेकिन इस समाज को आज तक प्रतिनिधित्व नहीं मिला। प्रतिनिधित्व तो छोड़िए, हमें टिकट भी नहीं मिलता। आप सोच सकते हैं। मध्यप्रदेश में ऐसी सात विधानसभाएं मैंने चिन्हित की हैं, जहां 40 से 50 हजार पाल गड़रिया समाज है। चंदला विधानसभा में तो लगभग 55 हजार पाल समाज के वोटर हैं। सिर्फ 2003 में शैतान सिंह को वहां टिकट दिया गया था। ऐसी 54 विधानसभा सीटें हैं, जहां पाल गड़रिया समाज 20 से 30 हजार वोटों के साथ निर्णायक भूमिका में रहता है। हमारा निवेदन है कि इस समाज को संगठन और सरकार में जगह दीजिए। मैं ऐसी अपेक्षा करता हूं कि आप सरपंच से लेकर विधानसभा तक जगह दीजिए। सीएम बोले- पाल-गड़रिया समाज कल्याण बोर्ड का गठन होगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा- हमने एक बोर्ड भी बनाया है। पाल गड़रिया बोर्ड का गठन होगा, उसमें समाज के लोगों को मौका मिलेगा। अभी तो चुनाव में थोड़ी देर है। बहुत सारी बातें बोलने की होती हैं, बहुत सी बिना बोलने की होती हैं। पहले पत्र आता था, पहले हम पत्र में लिखते थे। अब आगे क्या लिखें, आप खुद समझदार हैं। हमारे बीच की कुछ बातें उल्लेख की हैं, कुछ एहसास करने की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। ये गोपाल कृष्ण के वंशजों को कैसे भूल सकते हैं। सीएम बोले- गोपाल कृष्ण के वंशजों को कैसे भूल सकते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पाल-गड़रिया समाज के लिए समाज कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाल-गड़रिया समाज का गौवंश के प्रति सेवाभाव गोपाल कृष्ण के समान है। राज्य सरकार समाज के सुख-दुख और जनकल्याण के कार्यों के लिए सदैव तत्पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। अखिल भारतीय गड़रिया समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर पाल-गड़रिया समाज के लिए समाज कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा। समाज ने देवी अहिल्याबाई को बताया प्रेरणास्रोत अखिल भारतीय गड़रिया महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोती श्रीपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा स्थापित कर समाज का मान बढ़ाया है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई ने जनसेवा को सत्ता का प्रमुख उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने देशभर में मंदिर-मठों का जीर्णोद्धार कराया तथा नए मंदिर, धर्मशालाएं, कुएं और नदियों पर घाटों का निर्माण कराया। उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सुशासन और न्याय की पहुंच सुनिश्चित की। उनके कार्य अखिल भारतीय गड़रिया महासभा के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व में भागीदारी लक्ष्य मोती श्रीपाल ने कहा कि गड़रिया समाज ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता, सामूहिक विवाह कार्यक्रम और राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया है। समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, रोजगार और उद्योग में अग्रणी बनाना महासभा का लक्ष्य है। महासभा की ओर से युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में सहयोग, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान और समाजसेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षित, संगठित और नेतृत्व में सहभागी होगा, तभी वह राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा पाएगा। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में समाजसेवी जागृति पाल ने भी संबोधित किया। विधायक भगवानदास सबनानी, पूज्य संत दादा गुरुजी, पूर्व राज्यसभा सदस्य पद्मश्री डॉ. विक्रम महात्मे, समाजसेवी राजेश श्रीपाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पाल-गड़रिया समाज के लोग मौजूद रहे।


