नालंदा पुलिस ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के मुख्य सरगना की निशानदेही पर पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में छापेमारी की और 4 शातिरों शातिरों को गिरफ्तार किया। इससे पहले सरगना समेत 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। ये पूरी कार्रवाई 2 और 3 मई की दरमियानी रात को शुरू हुई। पावापुरी थाना पुलिस जब पावापुरी चौक पर वाहन चेकिंग कर रही थी, तभी दो लग्जरी गाड़ियों (Scorpio-N और Brezza) को रोका गया। इन गाड़ियों में सवार गिरोह के 3 मुख्य सरगनाओं को दबोचा गया। तलाशी के दौरान इनके पास से महत्वपूर्ण साक्ष्य और मोबाइल फोन बरामद हुए। MBBS छात्र निकला गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार आरोपियों में विम्स (VIMS) मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार शामिल है। उसके मोबाइल की जांच करने पर पुलिस को परीक्षा में धांधली से जुड़े कई पुख्ता सबूत मिले। अवधेश और उसके साथियों की निशानदेही पर औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी की गई, जहां से चार और आरोपी हर्षराज, मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार को हिरासत में लिया गया। लाखों की ‘डील’ और ‘स्कॉलर’ का खेल पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे असली अभ्यर्थियों की जगह ‘स्कॉलर’ बैठाने की फिराक में थे। पुलिस ने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की डील हुई थी। गिरोह ने एडवांस के तौर पर 1.5 से 2 लाख रुपये पहले ही वसूल लिए थे। गिरोह का नेटवर्क बिहार के कई जिलों में फैला हुआ था। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी पावापुरी और गिरियक थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पकड़े गए सभी आरोपियों को 5 मई को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मुजफ्फरपुर का रहने वाला है एमबीबीएस स्टूडेंट अवधेश NEET परीक्षा से पहले शनिवार की रात नालंदा जिले के पावापुरी पुलिस के हत्थे चढ़े सॉल्वर गिरोह के तीन शातिरोंं में शामिल अवधेश समेत दाे मुजफ्फरपुर के हैं, जबकि तीसरा शातिर पूर्वी चंपारण जिले का है। अवधेश सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के भगवान छपरा के रहने वाले मोहन राय का बेटा है। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र के परोहा गांव के रहने वाले हीरालाल साह का बेटा पंकज कुमार और पूर्वी चंपारण जिले के पिपराकोठी थाना क्षेत्र के कुढ़िया बगरी निवासी मनोज सिंह के बेटे अमन कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पंकज बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। उसकी कथैया में दवा की दुकान है। पंकज के पास से जब्त मोबाइल में जिला स्कूल मुखर्जी सेमिनरी परीक्षा केंद्र से धराए हथौड़ी और मोतिपुर के दो अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड मिला है। दरअसल, नालंदा के 5 सेंटरों पर रविवार को नीट की परीक्षा थी। शनिवार की रात पावापुरी पुलिस के हत्थे ये तीनों चढ़ गए। राजगीर डीएसपी सुनील सिंह ने सोमवार को बताया कि नीट परीक्षा में धांधली की सूचना पर पुलिस अलर्ट थी। 2 मई की रात दो बजे पावापुरी पुलिस वाहन जांच कर रही थी। पुलिस को देख स्कॉर्पियो और ब्रेजा की गति तेज हो गई। पुलिस ने खदेड़कर दोनों वाहनों को रोका। तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो से 2.95 लाख रुपए बरामद हुए। तीनों सवारों के मोबाइल की जांच करने पर उनके सॉल्वर गिरोह के सक्रिय सदस्य होने का खुलासा हुआ। मोबाइल में नीट, एईओ, बीएसएनएल परीक्षा के एडमिट कार्ड का फोटो मिला। साथ ही रुपए लेनदेन का डिजिटल साक्ष्य भी मिला। एक आरोपित विम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सॉल्वर गिरेाह का सरगना उज्जवल उर्फ राजा बाबू है। वह विम्स के हॉस्टल में रहता है। साथियों की गिरफ्तारी की भनक लगते वह हॉस्टल से फरार हो चुका है। राजगीर डीएसपी ने बताया कि सरगना की तलाश में पूर्व में सीबीआई भी छापेमारी कर चुकी है। नालंदा पुलिस ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के मुख्य सरगना की निशानदेही पर पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में छापेमारी की और 4 शातिरों शातिरों को गिरफ्तार किया। इससे पहले सरगना समेत 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। ये पूरी कार्रवाई 2 और 3 मई की दरमियानी रात को शुरू हुई। पावापुरी थाना पुलिस जब पावापुरी चौक पर वाहन चेकिंग कर रही थी, तभी दो लग्जरी गाड़ियों (Scorpio-N और Brezza) को रोका गया। इन गाड़ियों में सवार गिरोह के 3 मुख्य सरगनाओं को दबोचा गया। तलाशी के दौरान इनके पास से महत्वपूर्ण साक्ष्य और मोबाइल फोन बरामद हुए। MBBS छात्र निकला गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार आरोपियों में विम्स (VIMS) मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार शामिल है। उसके मोबाइल की जांच करने पर पुलिस को परीक्षा में धांधली से जुड़े कई पुख्ता सबूत मिले। अवधेश और उसके साथियों की निशानदेही पर औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी की गई, जहां से चार और आरोपी हर्षराज, मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार को हिरासत में लिया गया। लाखों की ‘डील’ और ‘स्कॉलर’ का खेल पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे असली अभ्यर्थियों की जगह ‘स्कॉलर’ बैठाने की फिराक में थे। पुलिस ने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की डील हुई थी। गिरोह ने एडवांस के तौर पर 1.5 से 2 लाख रुपये पहले ही वसूल लिए थे। गिरोह का नेटवर्क बिहार के कई जिलों में फैला हुआ था। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी पावापुरी और गिरियक थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पकड़े गए सभी आरोपियों को 5 मई को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मुजफ्फरपुर का रहने वाला है एमबीबीएस स्टूडेंट अवधेश NEET परीक्षा से पहले शनिवार की रात नालंदा जिले के पावापुरी पुलिस के हत्थे चढ़े सॉल्वर गिरोह के तीन शातिरोंं में शामिल अवधेश समेत दाे मुजफ्फरपुर के हैं, जबकि तीसरा शातिर पूर्वी चंपारण जिले का है। अवधेश सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के भगवान छपरा के रहने वाले मोहन राय का बेटा है। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र के परोहा गांव के रहने वाले हीरालाल साह का बेटा पंकज कुमार और पूर्वी चंपारण जिले के पिपराकोठी थाना क्षेत्र के कुढ़िया बगरी निवासी मनोज सिंह के बेटे अमन कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पंकज बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। उसकी कथैया में दवा की दुकान है। पंकज के पास से जब्त मोबाइल में जिला स्कूल मुखर्जी सेमिनरी परीक्षा केंद्र से धराए हथौड़ी और मोतिपुर के दो अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड मिला है। दरअसल, नालंदा के 5 सेंटरों पर रविवार को नीट की परीक्षा थी। शनिवार की रात पावापुरी पुलिस के हत्थे ये तीनों चढ़ गए। राजगीर डीएसपी सुनील सिंह ने सोमवार को बताया कि नीट परीक्षा में धांधली की सूचना पर पुलिस अलर्ट थी। 2 मई की रात दो बजे पावापुरी पुलिस वाहन जांच कर रही थी। पुलिस को देख स्कॉर्पियो और ब्रेजा की गति तेज हो गई। पुलिस ने खदेड़कर दोनों वाहनों को रोका। तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो से 2.95 लाख रुपए बरामद हुए। तीनों सवारों के मोबाइल की जांच करने पर उनके सॉल्वर गिरोह के सक्रिय सदस्य होने का खुलासा हुआ। मोबाइल में नीट, एईओ, बीएसएनएल परीक्षा के एडमिट कार्ड का फोटो मिला। साथ ही रुपए लेनदेन का डिजिटल साक्ष्य भी मिला। एक आरोपित विम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सॉल्वर गिरेाह का सरगना उज्जवल उर्फ राजा बाबू है। वह विम्स के हॉस्टल में रहता है। साथियों की गिरफ्तारी की भनक लगते वह हॉस्टल से फरार हो चुका है। राजगीर डीएसपी ने बताया कि सरगना की तलाश में पूर्व में सीबीआई भी छापेमारी कर चुकी है।


