शेखपुरा में गुरुवार को कोसुंभा थाना पुलिस ने अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कोसरा गांव निवासी फगुनी मांझी के पुत्र राजो मांझी और राजो मांझी के पुत्र छोटे मांझी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, धैवसा डीह गांव निवासी श्रीकांत पांडेय और जियनबीघा गांव निवासी हरि कुमार को भी पकड़ा गया है। इस छापेमारी का नेतृत्व कोसुंभा थाना अध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह ने किया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को बाद में पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। पिता-पुत्र के विरुद्ध कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया
थाना अध्यक्ष विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि कोसरा गांव से गिरफ्तार पिता-पुत्र के विरुद्ध कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पड़ोसियों ने उनके खिलाफ शराब के नशे में मारपीट और प्राणघातक हमले के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं, धैवसा डीह और जियनबीघा से गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट ने कुर्की से पहले इश्तेहार वारंट जारी किया था। ये दोनों दस वर्षों से अधिक समय से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी के डर से छिपे हुए थे। शेखपुरा में गुरुवार को कोसुंभा थाना पुलिस ने अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कोसरा गांव निवासी फगुनी मांझी के पुत्र राजो मांझी और राजो मांझी के पुत्र छोटे मांझी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, धैवसा डीह गांव निवासी श्रीकांत पांडेय और जियनबीघा गांव निवासी हरि कुमार को भी पकड़ा गया है। इस छापेमारी का नेतृत्व कोसुंभा थाना अध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह ने किया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को बाद में पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। पिता-पुत्र के विरुद्ध कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया
थाना अध्यक्ष विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि कोसरा गांव से गिरफ्तार पिता-पुत्र के विरुद्ध कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पड़ोसियों ने उनके खिलाफ शराब के नशे में मारपीट और प्राणघातक हमले के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं, धैवसा डीह और जियनबीघा से गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट ने कुर्की से पहले इश्तेहार वारंट जारी किया था। ये दोनों दस वर्षों से अधिक समय से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी के डर से छिपे हुए थे।


