देश में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पल की साक्षी बनने का अवसर अब फतेहाबाद की महिलाओं को भी मिलेगा। 17 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया जाएगा, जिसके तहत महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस खास मौके पर महिलाओं को संसद की कार्यवाही दिखाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक महिलाएं दिल्ली जाकर लोकसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देख सकेंगी। इसके लिए भाजपा संगठन द्वारा जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ को ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ का जिला संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में महिलाओं को इस अवसर से जोड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
जानिए… क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की जरूरत थी। इसलिए, सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित कर रही है। सरकार ने दो बड़े संशोधनों की योजना बनाई है, जिसमें एक अलग परिसीमन विधेयक भी शामिल है। महिलाओं के लिए रिजर्वेशन तय करने के लिए इन दोनों विधेयकों को संवैधानिक संशोधन के तौर पर पारित किया जाना है। जब महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पास हो जाएंगे तो यह सुनिश्चित होगा कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। 16 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक नाम दे सकेंगी महिलाएं चेयरपर्सन सुमन खिचड़ के अनुसार, जो महिलाएं 17 अप्रैल को संसद की कार्यवाही देखने के लिए दिल्ली जाने की इच्छुक हैं, वे 16 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक अपने नाम लिखवा सकेंगी ताकि उसी अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा सकें। इन महिलाओं के आने-जाने से लेकर जलपान व भोजन तक की सारी व्यवस्था पार्टी करेगी। सुमन खिचड़ ने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम है। इस दिन जिले की महिलाओं को संसद में कार्यवाही देखने का मौका मिलेना एक गौरवशाली पल होगा।


