किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। आंदोलन की रणनीति के तहत गुरदासपुर के हर गांव में किसान संगठनों के झंडे लगाकर लोगों को लामबंद किया जा रहा है। किसान नेता निर्मल सिंह अदी ने बताया कि आगामी 31 अगस्त को पूरे पंजाब में उपायुक्त (DC) कार्यालयों के सामने एक दिवसीय विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसान नेताओं के अनुसार, यह तीखा संघर्ष शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान पंजाब सरकार द्वारा किए गए कथित विश्वासघात के विरोध में है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मान सरकार ने बैठक के बहाने आंदोलनकारी नेताओं को बुलाया और बाद में विरोध प्रदर्शन को दबाने व खत्म करने के लिए कथित तौर पर भाजपा के साथ हाथ मिला लिया। करोड़ों के सामान की लूट और गिरफ्तारियों का दावा किसान नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस आंदोलन के दौरान कई किसानों, मजदूरों और महिलाओं को जबरन जेलों में डाल दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मंत्रियों और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से प्रदर्शनकारी किसानों का लगभग 3 करोड़ 77 लाख रुपये का सामान कथित तौर पर लूट लिया गया। किसानों ने स्पष्ट किया कि फसलों पर एमएसपी (MSP) गारंटी कानून और पूर्ण कर्ज माफी उनकी सबसे मुख्य मांगें हैं, जिससे वे पीछे नहीं हटेंगे। 14 सितंबर से मंत्रियों के आवासों का 5 दिवसीय घेराव किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 31 अगस्त के प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 14 सितंबर से मौजूदा मंत्रियों के आवासों का पांच दिवसीय घेराव किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यदि इस पांच दिवसीय घेराव के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो संघर्ष को और उग्र किया जाएगा, जिसके तहत राज्य भर में रेलवे ट्रैक जाम (रेल रोको आंदोलन) करने जैसा सख्त कदम भी उठाया जा सकता है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कूच करने की तैयारी आंदोलन को सफल बनाने के लिए इस समय जोन स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित कर आम लोगों को एकजुट किया जा रहा है। किसान नेता रणबीर सिंह डुगरी और सतनाम सिंह खजांची ने जानकारी दी कि 31 अगस्त को गुरदासपुर डीसी कार्यालय में भारी संख्या में किसान पहुंचेंगे। इसके बाद 14 सितंबर को मंत्रियों के घरों के घेराव के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोर्चेबंदी की बड़ी तैयारी है। इस महत्वपूर्ण घोषणा और तैयारी बैठक के अवसर पर सुखदेव सिंह अल्लार पिंडी, करनैल सिंह मल्ही, खजान सिंह अली नंगल, लखविंदर सिंह नंगल डाला, करसाज सिंह, निशान सिंह नूरपुर, शिव कुमार हरदोछन्नी, बीबी मनजिंदर कौर और जसकीरत कौर सहित कई अन्य वरिष्ठ किसान नेता मौजूद थे।

