30 घंटे बेटे का इंतजार करती रही पिता की चिता:महाराजगंज में 9 साल से जेल में बंद बेटे को नहीं मिली मुखाग्नि की अनुमति, नाती ने दी अंतिम विदाई

30 घंटे बेटे का इंतजार करती रही पिता की चिता:महाराजगंज में 9 साल से जेल में बंद बेटे को नहीं मिली मुखाग्नि की अनुमति, नाती ने दी अंतिम विदाई

महराजगंज में कोल्हुई थाना क्षेत्र के जिगिनिहा गांव में 65 वर्षीय राजमन साहनी की मौत के बाद उनकी चिता करीब 30 घंटे तक बेटे का इंतजार करती रही। राजमन के बेटे बबलू को करीब 9 साल से सिद्धार्थनगर जेल में बंद बताया गया है। पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने उसे अंतिम संस्कार में शामिल कराने और मुखाग्नि दिलाने के लिए सिद्धार्थनगर व महराजगंज प्रशासन से अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी। आखिरकार परिवार को अंतिम संस्कार करना पड़ा और राजमन के नाती ने उन्हें मुखाग्नि दी। घर पर हुई राजमन की मौत परिजनों के मुताबिक, राजमन साहनी ने सोमवार 5 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे जिगिनिहा स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनकी मौत की सूचना मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण घर पहुंचने लगे। परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, लेकिन बेटे बबलू के जेल में होने के कारण परिजनों ने उसे पिता की अंतिम विदाई में शामिल कराने की कोशिश शुरू की।
9 साल से जेल में बंद है बेटा परिवार के अनुसार, बबलू सिद्धार्थनगर जिले के लोटन थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में करीब 9 साल से जेल में सजा काट रहा है। पिता की मौत के बाद परिजनों की इच्छा थी कि उसे कुछ समय के लिए अनुमति देकर अंतिम संस्कार में शामिल कराया जाए और वह पिता को मुखाग्नि दे सके। प्रशासन से मांगी गई थी अनुमति परिजनों ने सिद्धार्थनगर और महराजगंज प्रशासन से संपर्क कर बबलू को अंतिम संस्कार में शामिल कराने की अनुमति मांगी गई थी। बबलू की बहन ने भी जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से मानवीय आधार पर अनुमति दिलाने की अपील की। परिवार करीब 30 घंटे तक अनुमति का इंतजार करता रहा। बेटे की जगह नाती ने दी मुखाग्नि अनुमति नहीं मिलने के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। इसके बाद राजमन के नाती ने चिता को मुखाग्नि दी। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से जेल में बंद बबलू अपने पिता के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका। ————————————– यह भी पढ़िए:- दिव्या-मित्तल ने जिस स्कूल का मुद्दा उठाया, उसका काम रुका:मिर्जापुर में गांव वाले भी नाराज हुए, वन विभाग बोला- जमीन तो हमारी है मिर्जापुर में पूर्व IAS दिव्या मित्तल की परमिशन से बन रहे स्कूल के निर्माण पर विवाद खड़ा हो गया है। वन विभाग ने इस जमीन पर दावा करते हुए 4 अक्टूबर की दोपहर को काम रुकवा दिया। लहुरियादह गांव में बन रहे स्कूल का काम रोके जाने से गांववाले नाराज हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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