भास्कर न्यूज | खगड़िया जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एनएच-31 पर स्थित मौर्या होटल में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अनैतिक गतिविधियों का खुलासा किया। एसपी राकेश कुमार के निर्देश पर गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम को सूचना मिली थी कि होटल की आड़ में बाहरी क्षेत्रों से महिलाओं और लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से होटल में ठहरने वाले लोगों के रजिस्टर, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद पुलिस ने होटल मालिक सुरेंद्र चौरसिया (54), संचालक मुरलीधर चौरसिया (20) और परबत्ता थाना क्षेत्र के कर्णा निवासी आदर्श राज (19) को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक नाबालिग लड़की से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत भी मामला दर्ज किया है। महेशखूंट थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार के आवेदन पर कांड संख्या 83/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि हिरासत में ली गई कुछ महिलाओं को सत्यापन के बाद पीआर बॉन्ड पर रिहा किया गया है। एनएच-31 पर स्थित होटलों में इस तरह की अनैतिक गतिविधियां सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। आमतौर पर हाईवे के किनारे बने होटलों में मुसाफिरों के नाम पर कमरों की बुकिंग होती है। स्थानीय पुलिस की नियमित जांच न होने और एंट्री रजिस्टर में सही पहचान पत्र दर्ज न करने की ढील का फायदा उठाकर ऐसे रैकेट संचालक फलते-फूलते हैं। जब तक इन होटलों के दस्तावेजों और मुसाफिरों की डिजिटल एंट्री को अनिवार्य नहीं किया जाता, तब तक बाहरी क्षेत्रों से लाई जा रही महिलाओं और नाबालिगों का शोषण रोकना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा। कानून पॉक्सो एक्ट 2012: यह कानून नाबालिग बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून के तहत सहमति का कोई महत्व नहीं होता और दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक का प्रावधान है। अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम 1956 : इस कानून के तहत व्यावसायिक रूप से देह व्यापार का संचालन करना, होटल या किसी परिसर को इसके लिए किराए पर देना या उसकी आड़ में रैकेट चलाना पूरी तरह गैरकानूनी है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023: देश में लागू नए कानूनों के तहत अनैतिक मानव तस्करी और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान शामिल किया गया है। भास्कर न्यूज | खगड़िया जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एनएच-31 पर स्थित मौर्या होटल में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अनैतिक गतिविधियों का खुलासा किया। एसपी राकेश कुमार के निर्देश पर गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम को सूचना मिली थी कि होटल की आड़ में बाहरी क्षेत्रों से महिलाओं और लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से होटल में ठहरने वाले लोगों के रजिस्टर, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद पुलिस ने होटल मालिक सुरेंद्र चौरसिया (54), संचालक मुरलीधर चौरसिया (20) और परबत्ता थाना क्षेत्र के कर्णा निवासी आदर्श राज (19) को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक नाबालिग लड़की से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत भी मामला दर्ज किया है। महेशखूंट थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार के आवेदन पर कांड संख्या 83/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि हिरासत में ली गई कुछ महिलाओं को सत्यापन के बाद पीआर बॉन्ड पर रिहा किया गया है। एनएच-31 पर स्थित होटलों में इस तरह की अनैतिक गतिविधियां सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। आमतौर पर हाईवे के किनारे बने होटलों में मुसाफिरों के नाम पर कमरों की बुकिंग होती है। स्थानीय पुलिस की नियमित जांच न होने और एंट्री रजिस्टर में सही पहचान पत्र दर्ज न करने की ढील का फायदा उठाकर ऐसे रैकेट संचालक फलते-फूलते हैं। जब तक इन होटलों के दस्तावेजों और मुसाफिरों की डिजिटल एंट्री को अनिवार्य नहीं किया जाता, तब तक बाहरी क्षेत्रों से लाई जा रही महिलाओं और नाबालिगों का शोषण रोकना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा। कानून पॉक्सो एक्ट 2012: यह कानून नाबालिग बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून के तहत सहमति का कोई महत्व नहीं होता और दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक का प्रावधान है। अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम 1956 : इस कानून के तहत व्यावसायिक रूप से देह व्यापार का संचालन करना, होटल या किसी परिसर को इसके लिए किराए पर देना या उसकी आड़ में रैकेट चलाना पूरी तरह गैरकानूनी है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023: देश में लागू नए कानूनों के तहत अनैतिक मानव तस्करी और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान शामिल किया गया है।


