प्लेटफॉर्म पर बाइक देखकर बिफरे डीआरएम, कार्यों में तेजी के निर्देश

प्लेटफॉर्म पर बाइक देखकर बिफरे डीआरएम, कार्यों में तेजी के निर्देश

भास्कर न्यूज | खगड़िया/महेशखूंट पूर्व मध्य रेलवे के बरौनी-कटिहार रेलखंड पर स्थित महेशखूंट स्टेशन का शुक्रवार की संध्या सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन ने सघन निरीक्षण किया। उनके साथ सीनियर डीओएम रौशन कुमार और सीनियर डीसीएम धीरज कुमार सहित रेलवे के कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे। यह निरीक्षण मुख्य रूप से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर किया गया था। रेल अधिकारियों की इस उच्चस्तरीय टीम के पहुंचते ही स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने महेशखूंट स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म संख्या एक, यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सिग्नल ऑफिस के निकट दो बाइक खड़ी रहने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इस लापरवाही को लेकर मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन पर कार्यरत रेलकर्मियों को कड़ी फटकार लगाई तथा पूरे स्टेशन परिसर को तत्काल व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त रखने का सख्त निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने स्टेशन मास्टर से चल रहे विकासात्मक कार्यों और नए निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार जानकारी ली। अमित सरन ने अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। करोड़ों की योजना के बाद भी यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार महेशखूंट स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किए जाने के बावजूद आम यात्रियों को अब भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर वर्तमान में पर्याप्त प्रतीक्षालय नहीं है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार करने वाले मुसाफिरों को परेशानी होती है। वहीं पूर्णकालिक आरक्षण काउंटर की कमी भी यात्रियों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। महिलाओं के लिए अलग से अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें सामान्य कतारों में लगना पड़ता है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त यात्री शेड और बैठने के लिए बेंच की कमी से बुजुर्गों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इन जनसमस्याओं पर भी विमर्श किया और यात्री सुविधाओं को जल्द बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की बात कही। अमृत भारत स्टेशन योजना और यात्री सुविधाओं के मानक का लिया जायजा भारतीय रेलवे द्वारा देश भर के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों का दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकास करना है। इसके तहत स्टेशनों पर पहुंच मार्ग, परिसंचरण क्षेत्र, प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाता है। योजना के मानकों के अनुसार, प्रत्येक चयनित स्टेशन पर स्वच्छ पेयजल, मुफ्त वाई-फाई, स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क और दिव्यांगजनों के अनुकूल बुनियादी ढांचा होना अनिवार्य है। इसके अलावा स्टेशन भवनों के अग्रभाग का सौंदर्यीकरण और स्थानीय कला-संस्कृति को प्रदर्शित करना भी इस योजना का प्रमुख हिस्सा है। वित्तीय नियमों के तहत इस योजना का बजट सीधे रेल मंत्रालय द्वारा आवंटित किया जाता है, और मंडल स्तर पर इसकी नियमित प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा स्वयं मंडल रेल प्रबंधक द्वारा की जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। भास्कर न्यूज | खगड़िया/महेशखूंट पूर्व मध्य रेलवे के बरौनी-कटिहार रेलखंड पर स्थित महेशखूंट स्टेशन का शुक्रवार की संध्या सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन ने सघन निरीक्षण किया। उनके साथ सीनियर डीओएम रौशन कुमार और सीनियर डीसीएम धीरज कुमार सहित रेलवे के कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे। यह निरीक्षण मुख्य रूप से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर किया गया था। रेल अधिकारियों की इस उच्चस्तरीय टीम के पहुंचते ही स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने महेशखूंट स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म संख्या एक, यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सिग्नल ऑफिस के निकट दो बाइक खड़ी रहने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इस लापरवाही को लेकर मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन पर कार्यरत रेलकर्मियों को कड़ी फटकार लगाई तथा पूरे स्टेशन परिसर को तत्काल व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त रखने का सख्त निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने स्टेशन मास्टर से चल रहे विकासात्मक कार्यों और नए निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार जानकारी ली। अमित सरन ने अधिकारियों और संवेदकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। करोड़ों की योजना के बाद भी यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं का इंतजार महेशखूंट स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किए जाने के बावजूद आम यात्रियों को अब भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर वर्तमान में पर्याप्त प्रतीक्षालय नहीं है, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार करने वाले मुसाफिरों को परेशानी होती है। वहीं पूर्णकालिक आरक्षण काउंटर की कमी भी यात्रियों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। महिलाओं के लिए अलग से अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें सामान्य कतारों में लगना पड़ता है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त यात्री शेड और बैठने के लिए बेंच की कमी से बुजुर्गों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इन जनसमस्याओं पर भी विमर्श किया और यात्री सुविधाओं को जल्द बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की बात कही। अमृत भारत स्टेशन योजना और यात्री सुविधाओं के मानक का लिया जायजा भारतीय रेलवे द्वारा देश भर के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों का दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकास करना है। इसके तहत स्टेशनों पर पहुंच मार्ग, परिसंचरण क्षेत्र, प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाता है। योजना के मानकों के अनुसार, प्रत्येक चयनित स्टेशन पर स्वच्छ पेयजल, मुफ्त वाई-फाई, स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क और दिव्यांगजनों के अनुकूल बुनियादी ढांचा होना अनिवार्य है। इसके अलावा स्टेशन भवनों के अग्रभाग का सौंदर्यीकरण और स्थानीय कला-संस्कृति को प्रदर्शित करना भी इस योजना का प्रमुख हिस्सा है। वित्तीय नियमों के तहत इस योजना का बजट सीधे रेल मंत्रालय द्वारा आवंटित किया जाता है, और मंडल स्तर पर इसकी नियमित प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा स्वयं मंडल रेल प्रबंधक द्वारा की जाती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।  

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