हाथरस जिले की 29वीं वर्षगांठ आज रविवार की शाम को मनाई गई। मुख्य कार्यक्रम किला गेट स्थित दाऊजी महाराज मंदिर में आयोजित किया गया, जहां फूल बंगला सजावट और छप्पन भोग का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जनपद के जनक एवं पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने रामवीर उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने उनके योगदान को विस्तार से याद किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि रामवीर उपाध्याय का नाम हाथरस के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए हाथरस को जनपद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब हाथरस को जनपद बनाने की मांग जोर पकड़ रही थी, तब उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के समक्ष यह शर्त रखी थी कि यदि हाथरस को जिला नहीं बनाया गया तो वह अपने पद पर बने रहना उचित नहीं समझेंगे। उनकी इस दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते 3 मई 1997 को हाथरस को जनपद का दर्जा प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया। आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और जनपद की उन्नति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम का समापन प्रसादी वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, चिराग उपाध्याय, निधि सारस्वत, के.के. दीक्षित, गिरीश पचौरी, मुकेश दीक्षित, चंद्रपाल गोला, नंदकिशोर, रामा पहलवान, ब्लॉक प्रमुख रामकिशन चौधरी, विशाल सारस्वत, आकाश दीक्षित, वीरेश शर्मा, दीपक सारस्वत, समर सिंह जाटव, संजय डीएम, हेमंत गौतम, मथुरा प्रसाद गौतम, भगवती श्रोती, दिनेश दीक्षित, सतीश शर्मा, सुभाष शर्मा, पूर्व प्रधान कुंवर पाल जाटव, अरुण शर्मा, मनोज सोनी, पुष्पेंद्र प्रधान, सुधीर पचौरी, रामकुमार गौतम, अजय पचौरी, रविकिरन, डॉ. गोपाल चौधरी, रामेश्वर सारस्वत, सत्यप्रिय आर्य, प्रभाकर शर्मा, सत्यपाल मदनावत, शिव सिंह लोधी, आरसी गोला सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


