जन्माष्टमी के मौके पर धमतरी के घड़ी चौक में 13वां दही हांडी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। देर रात हुई मटकी फोड़ प्रतियोगिता में हजारों श्रद्धालु जुटे। इस बार दो मटकियां रखी गई थीं। 15 फीट ऊंचे ग्रीस लगे केसिंग पाइप पर रखी मटकी रात 12 बजे खुद ही गिर गई, जिसके बाद दूसरी मटकी क्रेन पर करीब 25 फीट ऊंचाई पर बांधकर प्रतियोगिता कराई गई। राम हिंदू संगठन, सर्व हिंदू समाज और नगर निगम के संयुक्त आयोजन में शाम से ही ढोल-नगाड़ों पर श्रद्धालु झूमते रहे। मटकी फोड़ के दौरान आतिशबाजी की गई और क्रेन को गुब्बारों से सजाया गया था। 3 गोविंदा टोलियों ने दिखाया दम प्रतियोगिता में गोविंदा टोली संकारा धमतरी, जय मां शीतला टोली करेझर अंबागढ़ चौकी और जय मां शीतला टोली सोनझरी रायपुर ने हिस्सा लिया। तीनों टीमों के गोविंदाओं ने एक के ऊपर एक कई स्तरों का पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर बंधी मटकी तक पहुंचने की कोशिश की। हर प्रयास के दौरान घड़ी चौक पर मौजूद लोगों ने तालियों और जयकारों से गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाया। रायपुर की टीम ने जीता खिताब रोमांचक मुकाबले के बाद जय मां शीतला सोनझरी समिति, रायपुर ने मटकी फोड़कर सामूहिक प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद पूरा मैदान जयघोष से गूंज उठा। विजेता टीम को 51 हजार रुपए नकद पुरस्कार दिया गया। ग्रीस लगे पाइप पर चढ़कर घनश्याम ने फोड़ी मटकी एकल मटकी फोड़ स्पर्धा में मजगहन निवासी घनश्याम मेहर विजेता रहे। उन्होंने ग्रीस लगे करीब 15 फीट ऊंचे केसिंग पाइप पर चढ़कर मटकी फोड़ी। उन्हें 7,100 रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। घनश्याम मेहर ने बताया कि वे हर साल मटकी फोड़ने के लिए आते थे, लेकिन मौका नहीं मिल पाता था। इस बार मौका मिला तो उन्होंने इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। 13 साल से दही हांडी की परंपरा श्रीराम हिंदू संगठन के प्रवीण साहू मोनू ने बताया कि संगठन पिछले 12 वर्षों से दही हांडी उत्सव आयोजित कर रहा है और इस बार इसका 13वां आयोजन हुआ। इस बार सर्व हिंदू समाज और नगर निगम के सहयोग से संयुक्त रूप से कार्यक्रम किया गया। उन्होंने कहा कि दही हांडी अब धमतरी की पहचान और परंपरा बन चुकी है। आसपास के जिलों से भी लोग आयोजन देखने पहुंचते हैं। सर्व हिंदू समाज के अध्यक्ष महेश रोहरा, संरक्षक अशोक पवार और हिंदू जागरण मंच के संयोजक दीपक ठाकुर ने आयोजन को भव्य बताते हुए कहा कि सभी संगठनों और समाज की सहभागिता से एकता का संदेश गया। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य लोगों को एक मंच पर लाना और सामाजिक एकता को मजबूत करना है। महापौर रामू रोहरा ने भी आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु करीब ढाई घंटे तक कार्यक्रम देखने के लिए मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे आयोजनों को और भव्य रूप देने का प्रयास किया जाएगा।

