20 सरकारी स्कूलों में पहुंचीं एआई-रोबोटिक्स किट

20 सरकारी स्कूलों में पहुंचीं एआई-रोबोटिक्स किट

भास्कर न्यूज | जालंधर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स को केवल किताबों में पढ़ेंगे नहीं, बल्कि खुद सर्किट जोड़कर, कोडिंग करके और मशीनों को चलाना सीखेंगे। पंजाब में मिशन रफ्तार के तहत जालंधर के 20 पीएम श्री स्कूलों में एआई और रोबोटिक्स किट पहुंचाई गई हैं। मिशन के तहत जिले के कुल 23 स्कूल शामिल हैं, जिनमें से 20 पीएम श्री स्कूलों को ये किट मिल चुकी हैं। इनकी मदद से विद्यार्थी स्मार्ट कार, सेंसर आधारित सिस्टम और कैमरे से काम करने वाले उपकरणों जैसे प्रोजेक्ट तैयार कर सकेंगे। मिशन रफ्तार की जिला कोऑर्डिनेटर नमिता शर्मा के अनुसार, इन किट का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना है। अधिकतर स्कूलों के शिक्षकों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है, जबकि दो स्कूलों की ट्रेनिंग बाकी है। रोपड़ से ट्रेनिंग लेकर लौटे शिक्षकों को बुकलेट भी दी गई है। नवंबर के पहले सप्ताह तक प्रोजेक्ट पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम श्री स्कूल मिठापुर की शिक्षिका रजनी के अनुसार, एआई और रोबोटिक्स किट विद्यार्थियों के लिए काफी मददगार साबित होंगी। इससे बच्चों को नई तकनीक समझने के साथ खुद प्रयोग करने और अपने प्रोजेक्ट तैयार करने का अवसर मिलेगा। हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के जरिए विद्यार्थी केवल तकनीक के बारे में जानेंगे ही नहीं, बल्कि उसे इस्तेमाल करना भी सीख सकेंगे। किट में छोटे कंप्यूटर, माइक्रोकंट्रोलर, कैमरा, अलग-अलग सेंसर, मोटर, पहिए, बैटरी और सर्किट बनाने के उपकरण शामिल हैं। रास्पबेरी पाई-4 मिनी कंप्यूटर की तरह काम करता है। इसके साथ लगे कैमरे की मदद से विद्यार्थी तस्वीरों और वस्तुओं की पहचान करने वाले प्रोजेक्ट बना सकते हैं। ईएसपी32 और ईएसपी 32-कैम जैसे माइक्रोकंट्रोलर की मदद से वायरलेस तरीके से डेटा भेजने, कैमरा आधारित निगरानी और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों के मॉडल तैयार किए जा सकते हैं। वहीं, अर्डुइनो यूनो की मदद से सेंसर, मोटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नियंत्रित करना सीखा जा सकता है। किट में मौजूद 22-इन-1 सेंसर सेट में अल्ट्रासोनिक, तापमान, नमी, बारिश और रोशनी मापने वाले सेंसर शामिल हैं। इसके अलावा, रोबोट का ढांचा, पहिए, मोटर, ब्रेडबोर्ड, जंपर वायर, एलईडी, रेजिस्टर, कैपेसिटर, बैटरी, मल्टीमीटर और माइक्रो एसडी कार्ड भी शामिल हैं। इन उपकरणों की मदद से विद्यार्थी कोडिंग, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेंसर तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स को प्रयोग करके समझ सकेंगे।

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