पूर्णिया के 2 अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से 2 की मौत हुई है। मरने वालों में पंच सदस्य सरववैली गांव निवासी मो. इकराम (50) और इंदिरा नगर डहरिया निवासी संजय ऋषि की बेटी सिमरन कुमारी (20) है। इकराम मौसम चेंज होने के बाद घर के बाहर बंधे मवेशी को लाने गए थे। तभी बिजली गिर गई। वहीं, सिमरन चापाकल से पानी भर रही थी, इसी दौरान बिजली सिमरन पर गिर गई। वहीं, जलालगढ़ में भी आकाशीय बिजली से एक शख्स झुलसा भी है। अस्पताल पहुंचने के बाद तोड़ा दम भाई मो. तनवीर ने बताया कि जोरदार बिजली गिरने से वे इकराम गंभीर रूप से झुलस गिर पड़े, जबकि उनकी गाय की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। परिजन और ग्रामीण उन्हें जल्दबाजी में पूर्णिया जीएमसीएच लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत बेहद नाजुक थी और कुछ ही देर में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंच सदस्य मो. इकराम अपने इलाके में एक सक्रिय और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे। लोगों के बीच उनकी अच्छी पकड़ थी और वे हर छोटे-बड़े काम में आगे रहते थे।
अस्पताल ले जाने से पहले सिमरन की मौत मृतका सिमरन के चाचा राकेश ऋषि ने बताया कि सिमरन घर के बाहर पानी भरने गई थी। वो नल से पानी भर रही थी तभी आसमानी आफत अचानक उसके ऊपर गिर पड़ी। बिजली की चपेट में आने से युवती झुलसकर मौके पर गिर पड़ी। वे अस्पताल ले जाते, इससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। पूर्णिया के 2 अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से 2 की मौत हुई है। मरने वालों में पंच सदस्य सरववैली गांव निवासी मो. इकराम (50) और इंदिरा नगर डहरिया निवासी संजय ऋषि की बेटी सिमरन कुमारी (20) है। इकराम मौसम चेंज होने के बाद घर के बाहर बंधे मवेशी को लाने गए थे। तभी बिजली गिर गई। वहीं, सिमरन चापाकल से पानी भर रही थी, इसी दौरान बिजली सिमरन पर गिर गई। वहीं, जलालगढ़ में भी आकाशीय बिजली से एक शख्स झुलसा भी है। अस्पताल पहुंचने के बाद तोड़ा दम भाई मो. तनवीर ने बताया कि जोरदार बिजली गिरने से वे इकराम गंभीर रूप से झुलस गिर पड़े, जबकि उनकी गाय की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। परिजन और ग्रामीण उन्हें जल्दबाजी में पूर्णिया जीएमसीएच लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत बेहद नाजुक थी और कुछ ही देर में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पंच सदस्य मो. इकराम अपने इलाके में एक सक्रिय और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते थे। लोगों के बीच उनकी अच्छी पकड़ थी और वे हर छोटे-बड़े काम में आगे रहते थे।
अस्पताल ले जाने से पहले सिमरन की मौत मृतका सिमरन के चाचा राकेश ऋषि ने बताया कि सिमरन घर के बाहर पानी भरने गई थी। वो नल से पानी भर रही थी तभी आसमानी आफत अचानक उसके ऊपर गिर पड़ी। बिजली की चपेट में आने से युवती झुलसकर मौके पर गिर पड़ी। वे अस्पताल ले जाते, इससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।


