सहारनपुर पुलिस ने करीब एक महीने पुराने हत्या के मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है। दोनों आरोपियों ने चोर कहने पर राहगीर को ईंट से सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। युवक 30 अप्रैल से घर से गायब था। 3 मई को उसका शव मिला था। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयोग की गई ईंट का आधा, मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद की है। मामला देवबंद क्षेत्र का है। पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल क्षेत्र के ग्राम कुटेशरा निवासी मिंटू ने अपने भाई पिंटू के लापता होने की रिपोर्ट थाना देवबंद में दर्ज कराई थी। पुलिस गुमशुदा की तलाश कर रही थी। इसी दौरान 3 मई को ग्राम आखलौर खेड़ी के पास नाले में पिन्टू का शव बरामद हुआ। इसके बाद मिन्टू की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान मुजफ्फरनगर के ग्राम आखलौर निवासी विशाल पुत्र इसम और गगन पुत्र विजय सिंह के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हाईवे से ग्राम घलौली जाने वाले मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी विशाल ने पुलिस को बताया कि पिछले वर्ष उसने मुजफ्फरनगर में लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें गिरफ्तारी के बाद वह जेल गया था। कुछ दिन पहले ही वो जेल से छूटकर बाहर आया था। विशाल ने बताया कि वो और उसका साथी गगन एक मुकदमे की तारीख पर मुजफ्फरनगर कचहरी गए थे। वहां दोनों ने शराब और मुर्गा खाया। लौटते समय उनकी बाइक खराब हो गई, जिसे वहीं छोड़कर दोनों घर लौट आए। आरोपी के अनुसार, घर पहुंचने पर उसके पिता ने बाइक के बारे में पूछा। बाइक छोड़ आने की बात पर पिता ने उसकी पिटाई कर दी और चोरी का आरोप लगाया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि इसके बाद मोहल्ले के लोग भी उसे चोर कहने लगे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद नाराज हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी विशाल ने पूछताछ में बताया कि उसने गुस्से में तय किया कि वो किसी अजनबी की हत्या करेगा ताकि अपने ऊपर लगे चोर के ठप्पे को हटाने की मानसिक संतुष्टि मिल सके। उसने अपने साथी गगन को भी योजना में शामिल कर लिया। 29 अप्रैल की रात दोनों आरोपी गांव के पास मनोज की ट्यूवेल पर बैठे थे। इसी दौरान बाइक से गुजर रहे एक व्यक्ति को उन्होंने रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने पहले उसकी गर्दन दबाकर उसे नीचे गिराया और फिर गन्ने के खेत में ले जाकर ईंट के आधे से सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी मृतक की बाइक लेकर मुजफ्फरनगर बाईपास की तरफ गए और उसे एक होटल के पास छोड़ दिया। इसके बाद दोनों वापस घटनास्थल पहुंचे और शव को करीब 150 से 200 मीटर दूर खेतों से ले जाकर रस्सी से पत्थर बांधकर नाले में फेंक दिया, ताकि किसी को हत्या की जानकारी न हो सके।


