केंद्र सरकार ने देश की आबादी में हो रहे असामान्य बदलाव की स्टडी के हाई-लेवल कमिटी का गठन किया है। जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (रिटा) को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पोस्ट में कहा- यह कमिटी अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसंख्या में बदलाव का आकलन करेगी। साथ ही धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य बदलाव के पैटर्न की स्टडी करके समाधान भी पेश करेगी। उन्होंने लिखा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाला असामान्य जनसंख्या बदलाव किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को हाई-लेवल कमिटी की घोषणा की थी। कमेटी क्या काम करेगी… कमेटी के सदस्य कमेटी में देश के सेंसस कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण, रिटा. आईएएस दुर्गा शंकर मिश्रा, रिटा. आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव, डॉ. शमिका रवि शामिल हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फॉरेनर्स-I) को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। …………….. यह खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड के मैदानी जिलों में बढ़ रही मुस्लिम आबादी: 12 कस्बों में हिंदू 50% से कम, CM धामी बोले- कांग्रेस ने बिगाड़ी डेमोग्राफी उत्तराखंड में आबादी के संतुलन और अलग-अलग समुदायों की संख्या को लेकर बहस तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उभरते एक अहम मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
जनसंख्या में जहां अचानक बदलाव आया, वहां की जांच होगी:केंद्र सरकार ने कमेटी बनाई; गृह मंत्री शाह बोले– घुसपैठ देश के लिए बड़ी चुनौती


