राजगीर मलमास मेले में श्रद्धालुओं के लिए 19 टेंट सिटी:3000 पुलिसकर्मियों के साथ हाईटेक सुरक्षा के इंतजाम, 15 मई से लगेगा मेला

राजगीर मलमास मेले में श्रद्धालुओं के लिए 19 टेंट सिटी:3000 पुलिसकर्मियों के साथ हाईटेक सुरक्षा के इंतजाम, 15 मई से लगेगा मेला

राजगीर मलमास मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेला 17 मई से 15 जून तक चलेगा। जिसमें देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु की सुरक्षा-सुविधा के लिए इस बार आईटेक इंतजाम किए गए हैं। मेले के आयोजन के लिए 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेले में 20 डीएसपी स्तर के पदाधिकारी, 30 इंस्पेक्टर और बड़ी संख्या में सब-इस्पेक्टर और पुलिस के जवान मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें भी तैनात रहेंगी। प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं, जिसके तहत जितेंद्र राम को मेला थाना प्रभारी और सुमंत कुमार कुमार को कुंड थाना प्रभारी बनाया गया है।
ड्रोन से होगी मॉनिटरिंग इस बार का मेला तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत होगा। पहली बार श्रद्धालुओं की सहायता के लिए एआई काउंटर, विशेष मोबाइल ऐप और वेबसाइट की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए राजगीर के विभिन्न 38 स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र (पीओपी) बनाए जा रहे हैं और वाहनों के सुगम आवागमन के लिए आठ अलग-अलग रूटों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
वॉटरप्रूफ टेंट सिटी बनाए गए हैं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रशासन ने रेलवे स्टेशन से लेकर कुंड क्षेत्र तक 19 स्थानों पर जर्मन हैंगर तकनीक से निर्मित वॉटरप्रूफ टेंट सिटियों का निर्माण कराया है। इन टेंट सिटियों में रहने, स्नान करने और महिलाओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम की सुविधा होगी। साथ ही, श्रद्धालुओं को मुफ्त जूता-चप्पल स्टैंड, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलेंगी। खान-पान की व्यवस्था के लिए ‘दीदी की रसोई’ और सस्ती रोटी के काउंटर खोले जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति के लिए जगह-जगह मेडिकल कैंप और एंबुलेंस तैनात रहेंगी। प्रशासन ने ई-रिक्शा और बसों का किराया भी निर्धारित कर दिया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े। राजगीर मलमास मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मेला 17 मई से 15 जून तक चलेगा। जिसमें देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु की सुरक्षा-सुविधा के लिए इस बार आईटेक इंतजाम किए गए हैं। मेले के आयोजन के लिए 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेले में 20 डीएसपी स्तर के पदाधिकारी, 30 इंस्पेक्टर और बड़ी संख्या में सब-इस्पेक्टर और पुलिस के जवान मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें भी तैनात रहेंगी। प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं, जिसके तहत जितेंद्र राम को मेला थाना प्रभारी और सुमंत कुमार कुमार को कुंड थाना प्रभारी बनाया गया है।
ड्रोन से होगी मॉनिटरिंग इस बार का मेला तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत होगा। पहली बार श्रद्धालुओं की सहायता के लिए एआई काउंटर, विशेष मोबाइल ऐप और वेबसाइट की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए राजगीर के विभिन्न 38 स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र (पीओपी) बनाए जा रहे हैं और वाहनों के सुगम आवागमन के लिए आठ अलग-अलग रूटों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
वॉटरप्रूफ टेंट सिटी बनाए गए हैं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रशासन ने रेलवे स्टेशन से लेकर कुंड क्षेत्र तक 19 स्थानों पर जर्मन हैंगर तकनीक से निर्मित वॉटरप्रूफ टेंट सिटियों का निर्माण कराया है। इन टेंट सिटियों में रहने, स्नान करने और महिलाओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम की सुविधा होगी। साथ ही, श्रद्धालुओं को मुफ्त जूता-चप्पल स्टैंड, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलेंगी। खान-पान की व्यवस्था के लिए ‘दीदी की रसोई’ और सस्ती रोटी के काउंटर खोले जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति के लिए जगह-जगह मेडिकल कैंप और एंबुलेंस तैनात रहेंगी। प्रशासन ने ई-रिक्शा और बसों का किराया भी निर्धारित कर दिया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।  

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