बीएचयू के हैलीपैड मैदान में चल रहे दो दिवसीय ग्रामीण उत्सव ‘रंगीलो काशी’ में रविवार को नंदी शो आकर्षण का केंद्र रहा। देशभर से लाई गईं उन्नत नस्लों की गायों और भैंसों ने अपनी दुग्ध क्षमता का प्रदर्शन किया। साहीवाल, गीर, थारपारकर, गंगा तीरी और मुर्रा समेत अलग-अलग नस्लों के पशुओं के बीच दूध उत्पादन की प्रतियोगिता हुई। विजेता पशुपालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सबसे खास मुकाबला गंगा तीरी नस्ल की गायों का रहा। वाराणसी के शहंशाहपुर निवासी प्रहलाद सिंह की गंगा तीरी गाय ने दोनों समय मिलाकर 18.5 किलो दूध देकर अपनी नस्ल में पहला स्थान हासिल किया। आयोजकों के मुताबिक गंगा तीरी पूर्वांचल की प्रमुख देसी नस्ल है और इसका संरक्षण क्षेत्र मुख्य रूप से पूर्वांचल में ही है। खेत का ताजा चारा, खुद करते हैं निगरानी प्रहलाद सिंह ने बताया कि वह वर्ष 1992 से पशुपालन के काम में जुटे हैं। उनकी डेयरी में करीब 133 पशु हैं, जिनमें लगभग 113 दुधारू पशु हैं। गायों को खेत में तैयार किया गया ताजा चारा दिया जाता है। चारे की कटाई, चॉपिंग और खिलाने की व्यवस्था की निगरानी खुद प्रहलाद सिंह और डेयरी प्रभारी करते हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं के खानपान में ताजे चारे पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर वह खुद भी पशुओं को चारा खिलाते हैं। उनके मुताबिक पशुपालन ही उनका मुख्य रोजगार है और इसी क्षेत्र में रहते हुए वह लगातार अलग-अलग पशु प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे हैं। 11 लाख की गीर क्रॉस भी रही चर्चा में नंदी शो में राजस्थान के अजमेर से आई दिनेश गुर्जर की गीर क्रॉस (एचएफ क्रॉस) गाय ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। इस गाय ने प्रतियोगिता में 32.62 किलो दूध देकर प्रदर्शित पशुओं में सबसे ज्यादा दूध दिया। पशुपालक मुन्ना यादव के मुताबिक गाय की कीमत करीब 11 लाख रुपये है और यह 24 घंटे में करीब 52 किलो तक दूध दे सकती है। करीब 1100 किलोमीटर की यात्रा करके वाराणसी पहुंचने के कारण इस बार इसका दूध उत्पादन सामान्य से कम रहा। हर नस्ल की श्रेणी में प्रथम आने वाले पशुपालक को ढाई लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। आजमगढ़ की मुर्रा भैंस ने भी दिखाया दम आजमगढ़ से आई मिर्जा एजाज बेग उर्फ गुड्डू की मुर्रा भैंस ने 26.960 किलो दूध देकर अपनी नस्ल में पहला स्थान हासिल किया। पशुपालक के मुताबिक भैंस ने पहली मिल्किंग में करीब 12.5 किलो और दूसरी मिल्किंग में करीब 14.5 किलो दूध दिया। इससे पहले इसी महीने हरियाणा में भी इसका करीब 28.91 किलो दूध का रिकॉर्ड दर्ज कराया गया था। अब इसे आने वाले दिनों में कई और पशु प्रतियोगिताओं में उतारने की तैयारी है।

