कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड अंतर्गत बरेज और अमरपुरा गांव के सिवान में बुधवार को भीषण आग लग गई। चैत की तपती धूप और पछुआ हवाओं के बीच लगी इस आग में लगभग 17 बीघा गेहूं की खड़ी फसल, डंठल और पुआल जलकर राख हो गए। ग्रामीणों और पीड़ित किसानों के अनुसार, यह आग खेत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के ढीले तारों में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी के कारण लगी। चिंगारी ने सूखी फसल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। घटना से जुड़ी तस्वीरें… दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची
इस घटना में अमरपुरा निवासी किसान रामप्रवेश राय की 7 बीघा फसल जल गई, जबकि बरेज के कमलेश सिंह की 10 बीघा (लगभग 1 एकड़) फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि उनकी साल भर की मेहनत स्वाहा हो गई है। किसानों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना दी थी, लेकिन दमकल की गाड़ी समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। इस देरी के कारण आग का फैलाव और बढ़ गया। टीम दसौती गांव में आग बुझा रही थी
घटनास्थल पर पहुँचे दमकल अधिकारी वीरेश कुमार ने बताया कि मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र बड़ा है और वर्तमान में केवल चार गाड़ियां (मोहनिया, दुर्गावती, रामगढ़ और कुदरा) उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि एक ही समय पर कई जगहों से फोन आने के कारण गाड़ियों को पहुंचने में देरी हो रही है। बरेज आने से पहले टीम दसौती गांव में आग बुझा रही थी। इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। साल भर की मेहनत और जमापूंजी स्वाहा होने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उचित मुआवजे और क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों को ठीक कराने की गुहार लगाई है। कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड अंतर्गत बरेज और अमरपुरा गांव के सिवान में बुधवार को भीषण आग लग गई। चैत की तपती धूप और पछुआ हवाओं के बीच लगी इस आग में लगभग 17 बीघा गेहूं की खड़ी फसल, डंठल और पुआल जलकर राख हो गए। ग्रामीणों और पीड़ित किसानों के अनुसार, यह आग खेत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के ढीले तारों में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी के कारण लगी। चिंगारी ने सूखी फसल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। घटना से जुड़ी तस्वीरें… दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची
इस घटना में अमरपुरा निवासी किसान रामप्रवेश राय की 7 बीघा फसल जल गई, जबकि बरेज के कमलेश सिंह की 10 बीघा (लगभग 1 एकड़) फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि उनकी साल भर की मेहनत स्वाहा हो गई है। किसानों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना दी थी, लेकिन दमकल की गाड़ी समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। इस देरी के कारण आग का फैलाव और बढ़ गया। टीम दसौती गांव में आग बुझा रही थी
घटनास्थल पर पहुँचे दमकल अधिकारी वीरेश कुमार ने बताया कि मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र बड़ा है और वर्तमान में केवल चार गाड़ियां (मोहनिया, दुर्गावती, रामगढ़ और कुदरा) उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि एक ही समय पर कई जगहों से फोन आने के कारण गाड़ियों को पहुंचने में देरी हो रही है। बरेज आने से पहले टीम दसौती गांव में आग बुझा रही थी। इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। साल भर की मेहनत और जमापूंजी स्वाहा होने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उचित मुआवजे और क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों को ठीक कराने की गुहार लगाई है।


