जिले में रसोई में इस्तेमाल होने वाली जरूरी खाद्य एवं घरेलू उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में एक बार फिर तेजी दिख रही है। बक्सर के खुदरा बाजार में सबसे अधिक उछाल चीनी और गुड़ के भाव में दर्ज हो रहा है। चीनी की कीमत महज 10 दिनों में लगभग 25 फीसदी बढ़कर 52 रुपये से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, गुड़ का भाव भी 55 रुपये से बढ़कर 75 रुपये किलो हो गया है। अचानक बढ़ी कीमतों ने आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कारोबारियों के अनुसार बक्सर के बाजार में पिछले कई दिनों से चीनी के भाव में लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य जुलाई में चीनी करीब 45 रुपये किलो बिक रही थी। इसके बाद धीरे-धीरे कीमत बढ़ती गई। 9 अगस्त को खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 52 रुपये किलो था। यह अब बढ़कर 66 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। यानी लगभग 1 महीने की अवधि में चीनी की कीमत में करीब 20 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में कीमतों में तेजी बनी रही तो आने वाले दिनों में खुदरा भाव में और वृद्धि हो सकती है। गुड़ भी 20 रुपये किलो तक महंगा, मिठाई के बढ़ेंगे दाम चीनी के साथ गुड़ के भाव में भी तेजी का असर दिख रहा है। कुछ समय पहले तक 55 रुपये किलो बिकने वाला गुड़ अब 75 रुपये किलो तक पहुंच गया है। दुकानदार सोनू कुमार, अजीत प्रसाद समेत अन्य कारोबारियों ने बताया कि थोक बाजार से ही ऊंचे भाव पर माल मिल रहा है। इसी कारण खुदरा कीमत बढ़ानी पड़ रही है। बाजार में कीमतों में रोजाना बदलाव हो रहा है। इसी कारण दुकानदार भी निश्चित भाव बताने से बच रहे हैं। चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर चाय, मिठाई और नाश्ते के कारोबार पर पड़ रहा है। चाय दुकानदारों के अनुसार दूध, चायपत्ती और चीनी की लागत पहले से ही बढ़ी हुई है। ऐसे में चीनी की कीमत में अचानक हुई वृद्धि से प्रति कप चाय की लागत भी बढ़ गई है। मिठाई कारोबारियों के लिए भी लागत बढ़ी है। चीनी उत्पादन में प्रमुख कच्चा माल है। यदि कीमतों में तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में मिठाइयों और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों के खुदरा दाम पर भी इसका असर पड़ सकता है। दुकानदार बोले- रोज बदल रहा है भाव शहर के किराना दुकानदार चितरंजन प्रसाद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चीनी और गुड़ के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। थोक बाजार में कीमत बढ़ने के कारण खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कारोबारियों में आने वाले दिनों में भाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। रसोई घर से गायब हो रही मिठास चीनी ऐसी वस्तु है, जो गरीब से लेकर अमीर लोगों के घरों में इस्तेमाल होती है। चाय प्रायः सभी के घरों में बनती है। चीनी का उपयोग दूध के साथ भी होता है। इसका उपयोग अन्य व्यंजनों में भी किया जाता है। पर्व-त्योहार का समय भी आने वाला है। इसमें चीनी की खपत बढ़ेगी। यदि चीनी का रेट ऐसे ही बढ़ता रहा तो विशेष रूप से गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों में परेशानी बढ़ जाएगी। फिलहाल चीनी के मूल्य में बढ़ोतरी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रसोई की अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। आटा करीब 4 रुपये किलो तक महंगा हुआ है। वहीं लाल मिर्च की कीमत 240 रुपये किलो से बढ़कर करीब 280 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसके अलावा डिटर्जेंट पाउडर के भाव में भी 5 से 10 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम बढ़ने से परिवारों के लिए महीने का घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। जिले में रसोई में इस्तेमाल होने वाली जरूरी खाद्य एवं घरेलू उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में एक बार फिर तेजी दिख रही है। बक्सर के खुदरा बाजार में सबसे अधिक उछाल चीनी और गुड़ के भाव में दर्ज हो रहा है। चीनी की कीमत महज 10 दिनों में लगभग 25 फीसदी बढ़कर 52 रुपये से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, गुड़ का भाव भी 55 रुपये से बढ़कर 75 रुपये किलो हो गया है। अचानक बढ़ी कीमतों ने आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कारोबारियों के अनुसार बक्सर के बाजार में पिछले कई दिनों से चीनी के भाव में लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य जुलाई में चीनी करीब 45 रुपये किलो बिक रही थी। इसके बाद धीरे-धीरे कीमत बढ़ती गई। 9 अगस्त को खुदरा बाजार में चीनी का भाव करीब 52 रुपये किलो था। यह अब बढ़कर 66 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। यानी लगभग 1 महीने की अवधि में चीनी की कीमत में करीब 20 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में कीमतों में तेजी बनी रही तो आने वाले दिनों में खुदरा भाव में और वृद्धि हो सकती है। गुड़ भी 20 रुपये किलो तक महंगा, मिठाई के बढ़ेंगे दाम चीनी के साथ गुड़ के भाव में भी तेजी का असर दिख रहा है। कुछ समय पहले तक 55 रुपये किलो बिकने वाला गुड़ अब 75 रुपये किलो तक पहुंच गया है। दुकानदार सोनू कुमार, अजीत प्रसाद समेत अन्य कारोबारियों ने बताया कि थोक बाजार से ही ऊंचे भाव पर माल मिल रहा है। इसी कारण खुदरा कीमत बढ़ानी पड़ रही है। बाजार में कीमतों में रोजाना बदलाव हो रहा है। इसी कारण दुकानदार भी निश्चित भाव बताने से बच रहे हैं। चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर चाय, मिठाई और नाश्ते के कारोबार पर पड़ रहा है। चाय दुकानदारों के अनुसार दूध, चायपत्ती और चीनी की लागत पहले से ही बढ़ी हुई है। ऐसे में चीनी की कीमत में अचानक हुई वृद्धि से प्रति कप चाय की लागत भी बढ़ गई है। मिठाई कारोबारियों के लिए भी लागत बढ़ी है। चीनी उत्पादन में प्रमुख कच्चा माल है। यदि कीमतों में तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में मिठाइयों और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों के खुदरा दाम पर भी इसका असर पड़ सकता है। दुकानदार बोले- रोज बदल रहा है भाव शहर के किराना दुकानदार चितरंजन प्रसाद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चीनी और गुड़ के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। थोक बाजार में कीमत बढ़ने के कारण खुदरा बाजार में भी दाम बढ़ाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कारोबारियों में आने वाले दिनों में भाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। रसोई घर से गायब हो रही मिठास चीनी ऐसी वस्तु है, जो गरीब से लेकर अमीर लोगों के घरों में इस्तेमाल होती है। चाय प्रायः सभी के घरों में बनती है। चीनी का उपयोग दूध के साथ भी होता है। इसका उपयोग अन्य व्यंजनों में भी किया जाता है। पर्व-त्योहार का समय भी आने वाला है। इसमें चीनी की खपत बढ़ेगी। यदि चीनी का रेट ऐसे ही बढ़ता रहा तो विशेष रूप से गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों में परेशानी बढ़ जाएगी। फिलहाल चीनी के मूल्य में बढ़ोतरी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रसोई की अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। आटा करीब 4 रुपये किलो तक महंगा हुआ है। वहीं लाल मिर्च की कीमत 240 रुपये किलो से बढ़कर करीब 280 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसके अलावा डिटर्जेंट पाउडर के भाव में भी 5 से 10 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम बढ़ने से परिवारों के लिए महीने का घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।

