1 नवंबर को बरेली से मिशन विधानसभा का आगाज:राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, CM योगी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी निकालेंगे ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’

1 नवंबर को बरेली से मिशन विधानसभा का आगाज:राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, CM योगी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी निकालेंगे ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’

एमएलसी चुनाव में मिली एकतरफा जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब मिशन विधानसभा के लिए चुनावी रणभेरी फूंकने जा रही है। 1 नवंबर को बरेली की धरती से भाजपा अपने चुनावी अभियान का बिगुल फूंकेगी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पहली बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बरेली आ रहे हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत संगठन व सरकार के तमाम कद्दावर नेता मौजूद रहेंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा शहर भर में ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ निकालेगी और इसके बाद सीबीगंज में विशाल जनसभा का आयोजन होगा।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर भाजपा आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधे सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। पदयात्रा और रैली में बरेली मंडल समेत आसपास के सात जिलों से लगभग 50 हजार कार्यकर्ताओं और आम जनता के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए संगठन स्तर पर लगातार मैराथन बैठकें जारी हैं। पटेल जयंती पर शहर में पदयात्रा, सीबीगंज में विशाल महारैली
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा पूरे शहर में भव्य ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ निकालेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में निकलने वाली इस पदयात्रा के बाद सीबीगंज में एक विशाल जनसभा का आयोजन होगा। पदयात्रा और जनसभा दोनों के जरिए पार्टी शहर से लेकर देहात तक अपनी मजबूत पैठ का संदेश देना चाहती है। मतदाता सूची में गड़बड़ी पर विपक्ष को घेरने उतरेंगे 50 हजार लोग
मतदाता सूची में गड़बड़ी और धांधली के मुद्दे को लेकर भाजपा इस बार सीधे विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतर रही है। इस पदयात्रा और रैली को विशाल रूप देने के लिए बरेली मंडल समेत आसपास के सात जिलों से लगभग 50 हजार कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के जुटने का अनुमान है। विपक्ष पर सीधा हमला बोलने के लिए पार्टी ने इस मुद्दे पर पूरी तैयारी कर ली है। दौरों की तारीख तय होते ही बैठकों का दौर, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के संयुक्त दौरे की खबर आते ही बरेली के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बनाने के लिए संगठन स्तर पर लगातार मैराथन बैठकों का दौर जारी है। सुरक्षा, रूट प्लान और भीड़ प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं। 1985 से अजेय दुर्ग: चार दशकों से बरेली पर भाजपा का एकछत्र राज
दिल्ली और लखनऊ के बीच स्थित बरेली भाजपा की सियासत का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती है। बरेली शहर विधानसभा सीट पर 1985 से लगातार भाजपा का कब्जा बरकरार है और चार दशकों में कोई भी विपक्षी दल इस किले को भेद नहीं पाया है। यही रणनीतिक महत्व है कि पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने हर बड़े अभियान का केंद्र बरेली को ही बनाती रही है। सरकार से लेकर संगठन तक: बरेली के सियासी दबदबे की पूरी तस्वीर
बरेली के सियासी कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां से 8 बार सांसद रहे संतोष गंगवार को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया और उनकी बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा भेजा गया। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा भेजने के साथ ही योगी मंत्रिमंडल में बरेली से दो कद्दावर चेहरे- कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार शामिल हैं। इसके अलावा जिले के सभी एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह, जयपाल सिंह व्यस्त और डॉ. हरि सिंह ढिल्लों भाजपा के हैं, जबकि बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम और जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल भी पार्टी के ही सिंबल पर काबिज हैं।

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