मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद होश में आई जीएनएम छात्रा सुप्रिया पटेल ने अपनी आपबीती बताई है। आईसीयू में पिता और अन्य परिजनों से बात करते हुए वह रो पड़ी। छात्रा के पिता संजय कुमार के अनुसार, सुप्रिया ने बताया कि वार्डन की कथित प्रताड़ना से तंग आकर उसने क्लोनाजेपम की करीब 60 गोलियां खा ली थी। हालांकि, मामले में अब तक परिजनों की ओर से थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पिता का कहना है कि बेटी के बयान के आधार पर अब शिकायत दर्ज कराई जाएगी। संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह वार्डन ने सुप्रिया के साथ कथित तौर पर प्रताड़ना की। इसके बाद उसने परिजनों से बात की और गोलियां खा ली। पिता ने आरोप लगाया कि वार्डन ने छात्रा के आसपास से अन्य लोगों को हटा दिया था, जिसके बाद उसके साथ दुर्व्यवहार और प्रताड़ना की गई। होश में आने के बाद खुद बताई पूरी बात पिता के अनुसार, सुप्रिया अब पूरी तरह होश में है। उसने खुद घटना के संबंध में परिजनों को जानकारी दी है। परिजन अब उसके बयान के आधार पर थाने में शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। संजय कुमार ने आरोप लगाया कि रविवार को जीएनएम कॉलेज के शिक्षक या प्राचार्य छात्रा का हाल जानने एसकेएमसीएच नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि बेटी के होश में आने के बाद उसने खुद घटनाक्रम के बारे में बताया है। 29 घंटे वेंटिलेटर पर रही, स्वास्थ्य मुख्यालय ने लिया संज्ञान शुक्रवार दोपहर एसकेएमसीएच परिसर स्थित जीएनएम कॉलेज की सेकंड ईयर की छात्रा सुप्रिया ने नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी। बेहोशी की हालत में सहपाठियों ने उसे एसकेएमसीएच में भर्ती कराया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे करीब 29 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया। शनिवार दोपहर उसे होश आया। इससे पहले छात्रा ने वार्डन किरण मोनी पर प्रताड़ित करने और अटेंडेंस नहीं बनाने का आरोप लगाते हुए लिखित संदेश छोड़ा था। इसमें उसने लिखा था कि अगर उसे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदार वार्डन होंगी। लिखित शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई की संभावना मामले को लेकर राज्य स्वास्थ्य मुख्यालय भी सक्रिय हो गया है। मुख्यालय के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और कॉलेज के प्राचार्य से छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। छात्रा या परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की संभावना है। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद होश में आई जीएनएम छात्रा सुप्रिया पटेल ने अपनी आपबीती बताई है। आईसीयू में पिता और अन्य परिजनों से बात करते हुए वह रो पड़ी। छात्रा के पिता संजय कुमार के अनुसार, सुप्रिया ने बताया कि वार्डन की कथित प्रताड़ना से तंग आकर उसने क्लोनाजेपम की करीब 60 गोलियां खा ली थी। हालांकि, मामले में अब तक परिजनों की ओर से थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पिता का कहना है कि बेटी के बयान के आधार पर अब शिकायत दर्ज कराई जाएगी। संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह वार्डन ने सुप्रिया के साथ कथित तौर पर प्रताड़ना की। इसके बाद उसने परिजनों से बात की और गोलियां खा ली। पिता ने आरोप लगाया कि वार्डन ने छात्रा के आसपास से अन्य लोगों को हटा दिया था, जिसके बाद उसके साथ दुर्व्यवहार और प्रताड़ना की गई। होश में आने के बाद खुद बताई पूरी बात पिता के अनुसार, सुप्रिया अब पूरी तरह होश में है। उसने खुद घटना के संबंध में परिजनों को जानकारी दी है। परिजन अब उसके बयान के आधार पर थाने में शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। संजय कुमार ने आरोप लगाया कि रविवार को जीएनएम कॉलेज के शिक्षक या प्राचार्य छात्रा का हाल जानने एसकेएमसीएच नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि बेटी के होश में आने के बाद उसने खुद घटनाक्रम के बारे में बताया है। 29 घंटे वेंटिलेटर पर रही, स्वास्थ्य मुख्यालय ने लिया संज्ञान शुक्रवार दोपहर एसकेएमसीएच परिसर स्थित जीएनएम कॉलेज की सेकंड ईयर की छात्रा सुप्रिया ने नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी। बेहोशी की हालत में सहपाठियों ने उसे एसकेएमसीएच में भर्ती कराया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे करीब 29 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया। शनिवार दोपहर उसे होश आया। इससे पहले छात्रा ने वार्डन किरण मोनी पर प्रताड़ित करने और अटेंडेंस नहीं बनाने का आरोप लगाते हुए लिखित संदेश छोड़ा था। इसमें उसने लिखा था कि अगर उसे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदार वार्डन होंगी। लिखित शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई की संभावना मामले को लेकर राज्य स्वास्थ्य मुख्यालय भी सक्रिय हो गया है। मुख्यालय के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं और कॉलेज के प्राचार्य से छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। छात्रा या परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की संभावना है।

