ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर जारी है, लेकिन इसी के साथ तनाव की स्थिति भी बरकरार है। दोनों देश शांति समझौता करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए एक-दूसरे से सहमति नहीं बन रही है। इसी वजह से पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की शांति-वार्ता नहीं हो सकी। पाकिस्तान (Pakistan) के पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) और आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asim Munir) से मुलाकात के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) रूस (Russia) पहुंचे, जहाँ उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ मीटिंग की। पुतिन ने इस युद्ध को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) और परमाणु मुद्दे पर मामला अटका हुआ है। इसी बीच अब ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान ने रख दी 3 शर्तें
ईरान और अमेरिका के बीच शांति-वार्ता की विफलता का बड़ा कारण ईरान का होर्मुज स्ट्रेट को खोलने से इनकार करना है। क्या हैं ईरान की शर्तें? आइए जानते हैं।
◙ होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के बंदरगाहों से अमेरिकी नाकेबंदी को हटाना।
◙ मिडिल ईस्ट में युद्ध को खत्म करना।
◙ ईरान के परमाणु प्रोग्राम के मुद्दे पर भविष्य में डिप्लोमैटिक तौर पर चर्चा।
अब क्या करेंगे ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान की 3 शर्तों पर अपनी टीम के साथ मीटिंग की है। अभी तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप इन शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में इस बात की संभावना जताई जा रही है कि ईरान की शर्तों को मानने से ट्रंप इनकार कर सकते हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पकिकस्तान में पहले दौर की शांति-वार्ता में कोई परिणाम नहीं निकला था, जिसके बाद अभी तक दूसरे दौर की शांति-वार्ता नहीं हुई है।



