हुब्बल्ली में बच्चों की आवाज में गूंजा स्वच्छ भारत का संकल्प, भाषण प्रतियोगिता में दिखा आत्मविश्वास

हुब्बल्ली में बच्चों की आवाज में गूंजा स्वच्छ भारत का संकल्प, भाषण प्रतियोगिता में दिखा आत्मविश्वास

उत्साह के साथ लिया भाग
स्वच्छता केवल आसपास के वातावरण को साफ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन, जिम्मेदारी और अच्छे नागरिक बनने की पहली सीढ़ी है। इसी संदेश को विद्यार्थियों की आवाज के माध्यम से समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान पत्रिका एवं श्री भवरीदेवी सावलचन्द बाफना चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को श्री दुर्गादेवी अंग्रेजी माध्यम हाई स्कूल, हुब्बल्ली के सेमीनार हॉल में भाषण प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।

दो वर्गों में हुई प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को दो वर्गों में विभाजित किया गया था। जूनियर वर्ग में कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों ने मेरा स्वच्छ विद्यालय, मेरा स्वच्छ भारत तथा सीनियर वर्ग में कक्षा 9 से 10 के विद्यार्थियों ने बापू के सपनों का स्वच्छ भारत विषय पर भाषण प्रस्तुत किए। प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने के लिए एक मिनट का समय दिया गया। विद्यार्थियों ने स्वच्छ विद्यालय, स्वच्छ परिवेश, व्यक्तिगत स्वच्छता, जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को अपने भाषण का आधार बनाया।

बच्चों ने मंच पर दिखाई प्रतिभा
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में गजब का आत्मविश्वास देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने बिना झिझक मंच पर पहुंचकर स्पष्ट उच्चारण और प्रभावी अभिव्यक्ति के साथ अपने विचार रखे। निर्णायकों ने विषयवस्तु, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, स्पष्टता, उच्चारण, प्रस्तुति और समय-पालन जैसे विभिन्न बिंदुओं के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।

अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान
कार्यक्रम में श्री भवरीदेवी सावलचन्द बाफना चैरिटेबल ट्रस्ट के मूलचन्द बाफना मोकलसर मुख्य अतिथि तथा दिलीप बाफना मोकलसर विशिष्ट अतिथि रहे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जे.एस. हुगार, प्रतियोगिता समन्वयक एवं हिंदी शिक्षिका सुधा सूर्यवंशी, सीनियर वर्ग की निर्णायक निर्मला राजपुरोहित, जूनियर वर्ग की निर्णायक दीक्षिता राजपुरोहित, हिंदी शिक्षिकाएं ललिता एन. मालगिमनी एवं कविता नूलवी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

लक्ष्य तय कर अनुशासन के साथ आगे बढ़ें: मूलचन्द बाफना
समारोह के मुख्य अतिथि श्री भवरीदेवी सावलचन्द बाफना चैरिटेबल ट्रस्ट के मूलचन्द बाफना मोकलसर ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन सीखने और अपने भविष्य की नींव मजबूत करने का समय है। इसलिए विद्यार्थियों को समय का महत्व समझना चाहिए और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढऩे का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वच्छता की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, विद्यालय और आसपास के वातावरण से करनी चाहिए। स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संस्कार जीवनभर काम आते हैं: दिलीप बाफना
विशिष्ट अतिथि श्री भवरीदेवी सावलचन्द बाफना चैरिटेबल ट्रस्ट के दिलीप बाफना मोकलसर ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने अपनी क्षमता के अनुसार अच्छा प्रदर्शन किया है। प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है मंच पर आकर अपनी बात रखने का अनुभव। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षा के साथ संस्कारों की भी बड़ी भूमिका होती है। अच्छे संस्कार व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और समाज में सम्मान के साथ आगे बढऩे की ताकत देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में लें भाग: हुगार
प्रधानाध्यापक जे.एस. हुगार ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए भाषण, लेखन, सांस्कृतिक और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और हर अवसर का उपयोग आगे बढऩे के लिए करने की बात कही।

सामाजिक सरोकारों से विद्यार्थियों को जोडऩा जरूरी: राजपुरोहित
राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने प्रतियोगिता का परिचय देते हुए कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें अपनी बात रखने के लिए उचित मंच देने की। भाषण प्रतियोगिता जैसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें सामाजिक विषयों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान पत्रिका पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता देता रहा है। स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यार्थियों की भागीदारी आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सीनियर वर्ग में हर्षिता, समर्थ और दीप्ति अव्वल
सीनियर वर्ग में हर्षिता ए. चौहान ने प्रथम, समर्थ बड्डी ने द्वितीय तथा दीप्ति एम. वन्दकर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रोत्साहन पुरस्कार दीक्षा बी. गनिगेर, प्राची आर. मेहरवाडे, सागर पोल्लानकर, मयुरी एस. हुटगी और नेहा वी. मेहरवाडे को प्रदान किए गए।

जूनियर वर्ग में संध्या, श्रद्धा और नाविका ने बाजी मारी
जूनियर वर्ग में संध्या आर. धर्मदास ने प्रथम, श्रद्धा ए. भुरे ने द्वितीय तथा नाविका वी. लदवा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रोत्साहन पुरस्कार खुशी एम. देकानल, खुशी वी. कबाडे, वुक्ता वी. पट्टान, विनायक एस. पवार, संजना एस. मंडल, अंकिता एस. रतन, खुशी के. माली, होमाक्षी जे. रावल, सरपराम सी. देवासी, अक्श सी. मलवडे, पूर्वी एस. मुद्दापुर, पूजा एन. चौधरी, श्रेया ए. पुजारी और हरित एच. बागलकोट को प्रदान किए गए।

सभी प्रतिभागियों को मिले प्रमाण-पत्र
पुरस्कार वितरण समारोह में दोनों वर्गों के विजेताओं एवं प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों के चेहरे पर पुरस्कार और प्रमाण-पत्र मिलने की खुशी साफ नजर आई। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता समन्वयक एवं हिंदी शिक्षिका सुधा सूर्यवंशी ने आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *