हिमाचल विधानसभा मानसून सेशन:आज भी ‘वंदे मातरम’ पर घमासान के आसार, स्पीकर दे सकते हैं व्यवस्था, पहले दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके

हिमाचल विधानसभा मानसून सेशन:आज भी ‘वंदे मातरम’ पर घमासान के आसार, स्पीकर दे सकते हैं व्यवस्था, पहले दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सेशन का आज तीसरा दिन है। सत्र के पहले दो दिन वंदे मातरम के गायन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुए हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसे में आज भी सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इस मुद्दे पर गतिरोध जारी रहने के आसार हैं। दो दिन हंगामे के बाद अब सभी की नजरें विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की ओर हैं। माना जा रहा है कि अध्यक्ष आज सदन में वंदे मातरम के गायन को लेकर व्यवस्था दे सकते हैं। राष्ट्रगीत गायन विवाद मानसून सत्र के पहले ही दिन शुरू हुआ था। सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई, लेकिन विपक्षी भाजपा ने वंदे मातरम का गायन नहीं करवाए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दूसरे दिन भी यही मुद्दा छाया रहा और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। आज राष्ट्रगान से विधानसभा शुरू करने की परंपरा विधानसभा में अब तक चली आ रही परंपरा के अनुसार- सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है, जबकि समापन के अवसर पर राष्ट्रगीत का गायन किया जाता है। इसी व्यवस्था को लेकर अब विवाद खड़ा हुआ है। भाजपा की मांग है कि सदन में वंदे मातरम का पूर्ण गायन कराया जाए, जबकि कांग्रेस ने विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया है। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस पर झूठा और भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा है कि भाजपा के किसी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया। उनका कहना है कि विपक्ष के सभी सदस्य राष्ट्रगान के दौरान सम्मानपूर्वक खड़े हुए थे। भाजपा ने कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग भी की है, ताकि लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। वहीं, कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा वंदे मातरम के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। उन्होंने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, किसानों और सेब अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है। विपक्ष आज उठाएगा बेरोजगारी का मुद्दा ‘वंदे मातरम’ विवाद के बीच विधानसभा में आज बेरोजगारी का मुद्दा भी गरमाने के आसार हैं। विपक्ष बेरोजगारी के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर काम रोको प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। भाजपा इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगी। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार देने का बड़ा वादा किया था। कांग्रेस ने हर साल एक लाख रोजगार देने और पांच साल में पांच लाख रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। अब विपक्ष इसी चुनावी वादे को आधार बनाकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है। भाजपा का आरोप है कि सरकार अपने कार्यकाल में अब तक युवाओं को अपेक्षित संख्या में रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाई है। विपक्ष का दावा है कि सरकार की ओर से रोजगार के नाम पर चंद हजार लोगों को ही नौकरियां दी गई हैं। ऐसे में आज सदन में सरकार की रोजगार नीति, सरकारी भर्तियों और कांग्रेस के चुनावी वादे को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। ‘हिंदू गुजर’ प्रमाण पत्र पर जवाब देंगे राजस्व मंत्री इसी तरह, सदन की कार्यवाही चल पाई तो पहले प्रश्नकाल और बाद में विभिन्न मसलों पर सदन में तपिश देखने को मिल सकती है। नालागढ़ से विधायक हरदीप बाबा ने राजस्व मंत्री से सवाल पूछा है कि गुज्जर प्रमाण पत्र में क्या ‘हिंदू गुजर’ शामिल करने को लेकर सरकार ने कोई निर्देश दिए है। क्या इस वजह से सिख धर्म का पालन करने वाले गुजर समुदाय के लोगों को सेना में नौकरी में कोई परेशानी हो रही है? सदन में आज राजस्व मंत्री जगत नेगी इसका जवाब देंगे।

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