Acrylic Nails Side Effects: आजकल खूबसूरत और लंबे नाखूनों का चलन काफी बढ़ गया है। इसके लिए कई लोग अक्रेलिक नेल्स और जेल नेल पॉलिश का इस्तेमाल करते हैं। इससे नाखून कुछ समय के लिए अच्छे और आकर्षक दिखते हैं, लेकिन इन्हें बार बार लगवाने और हटाने से असली नाखूनों पर असर पड़ सकता है। नाखून कमजोर होने के साथ उनमें सूखापन और टूटने की समस्या भी हो सकती है। इसलिए नेल्स को खूबसूरत बनाने के साथ उनकी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। आइए जानते हैं नाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
अक्रेलिक नेल्स लगाने से नाखून कमजोर हो सकते हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अक्रेलिक नेल्स लगाने से पहले असली नाखून की ऊपरी सतह को थोड़ा खुरदरा किया जाता है, ताकि नकली नाखून अच्छी तरह चिपक सके। इस प्रक्रिया से नाखून की ऊपरी परत कमजोर हो सकती है। वहीं, अक्रेलिक नेल्स हटाते समय एसीटोन में भिगोने और फाइल करने से भी नाखून सूखे और भंगुर (जो आसानी से टूट जाए) हो सकते हैं। इन्हें सामान्य होने में कई महीने तक लग सकते हैं।
आसपास की त्वचा में हो सकती है एलर्जी
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अक्रेलिक नेल्स में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल कुछ लोगों की त्वचा में एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इससे नाखून के आसपास लालिमा, खुजली, सूखापन, दरार या त्वचा निकलने जैसी परेशानी हो सकती है। अगर नेल्स लगवाने के बाद ऐसी समस्या दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
असली नाखून अपनी जगह से अलग हो सकता है
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अक्रेलिक नेल्स असली नाखून से ज्यादा सख्त होते हैं। रोजमर्रा के काम के दौरान इन पर दबाव पड़ने से असली नाखून नीचे की त्वचा से अलग हो सकता है। इसे ओनाइकोलाइसिस कहा जाता है। नाखून और त्वचा के बीच जगह बनने पर वहां संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
नाखून के नीचे संक्रमण का खतरा
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अगर अक्रेलिक नेल्स और असली नाखून के बीच नमी फंस जाए तो वहां बैक्टीरिया या फंगस पनप सकते हैं। नाखून और त्वचा के बीच जगह बनने पर भी यह समस्या हो सकती है। ऐसे में नाखून का रंग बदलना, टूटना या आसपास सूजन जैसी परेशानी दिखाई दे सकती है।
जेल नेल पॉलिश में भी सावधानी रखना है जरूरी
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जेल नेल पॉलिश को सुखाने के लिए यूवी या एलईडी लैंप का इस्तेमाल किया जाता है। एलईडी लैंप से भी यूवी रेडिएशन निकलता है। बार बार यूवी लाइट के संपर्क में आने से हाथों की त्वचा पर असर पड़ सकता है।
जेल पॉलिश को खींचकर न निकालें
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जेल पॉलिश को नाखून से खींचकर या छीलकर हटाने से नाखून की ऊपरी परत भी निकल सकती है। इससे नाखून कमजोर, पतले और टूटने वाले हो सकते हैं। इसलिए जेल पॉलिश हटाते समय सही तरीका अपनाना जरूरी है।
नाखूनों की देखभाल कैसे करें
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, नाखूनों को साफ रखना और समय समय पर सही तरीके से काटना जरूरी है। अगर नाखून पहले से कमजोर या आसानी से टूटते हैं तो नेल केयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए।
जेल मैनीक्योर करवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जेल मैनीक्योर करवाते समय हाथों पर एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा वाला मिनरल सनस्क्रीन लगाने के साथ ही क्यूटिकल को काटने या हटाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह नाखून को संक्रमण से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, जेल पॉलिश हटाते समय इसे खींचकर या छीलकर निकालने के बजाय सही तरीके से हटाना चाहिए।

