मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आने से पहले हाथरस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय को बुधवार देर रात उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। यह कार्रवाई हाथरस पुलिस प्रशासन ने की है। पुलिस की इस कार्रवाई पर पं. विवेक उपाध्याय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के आने से पहले मुझे मेरे घर में नजरबंद कर दिया गया। मेरा पुलिस प्रशासन से सीधा सवाल है कि मेरा अपराध क्या है? मुझे किस कानून और किस आदेश के तहत हाउस अरेस्ट किया गया है?” उपाध्याय ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन किसी नागरिक या विपक्षी नेता पर कार्रवाई करता है, तो उसका कानूनी आधार और साफ आदेश भी बताना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से उठाना किसी भी विपक्षी दल का संवैधानिक अधिकार है। पं. विवेक उपाध्याय ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विपक्ष की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार को बताना चाहिए कि उसे विपक्ष के सवालों और कांग्रेस के लोकतांत्रिक विरोध से इतना डर क्यों लगता है। उन्होंने कहा, “पुलिस की कार्रवाई से हमारी आवाज को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, लेकिन जनता के मुद्दों को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा है।” कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने साफ कहा कि कांग्रेस दमन और दबाव की राजनीति के सामने झुकेगी नहीं। जनता के अधिकारों, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

