राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को गांवों में वृक्षारोपण और जल स्रोतों के संरक्षण अभियान में बाधा न डालने का निर्देश दिया है। यह फैसला महाराजा सूरजमल विकास संस्थान और ग्राम पंचायत लोरडी देजगड़ा की याचिका पर आया। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की बेंच ने यह निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं ने लोरडी देजगड़ा (चक I से III), लोरडी डोलिया राजवा और मेघलासिया गांवों में जेडीए की जमीन पर पर्यावरण सुधार और वृक्षारोपण का काम करने की बात कही थी। इन गांवों में 14 जल स्रोत खराब हालत में हैं, जिनके सुधार की जरूरत है। जेडीए ने वृक्षारोपण की अनुमति दी, लेकिन शर्त रखी कि याचिकाकर्ता जमीन पर मालिकाना हक का दावा नहीं करेंगे। कोर्ट ने जेडीए को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं को अभियान चलाने दे और ग्राम पंचायत की मदद से जल स्रोतों के संरक्षण और सुधार का काम जल्द शुरू करे।

