गोपालगंज शहर के घोष मोड़ स्थित छात्र दल पूजा समिति इस बार जयपुर के हवा महल की तर्ज पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल तैयार करा रही है। 90 फीट ऊंचे और 60 फीट चौड़े पंडाल को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। पूजा को लेकर बंगाल, समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश से पहुंचे कारीगर दिन-रात निर्माण कार्य में जुटे हैं। 1948 में शुरू हुई थी पूजा, 1978 से छात्र दल संभाल रहा व्यवस्था घोष मोड़ स्थित छात्र दल पूजा का इतिहास आजादी के बाद वर्ष 1948 से जुड़ा है। डॉ. एके घोष परिवार ने यहां पहली बार दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी। वर्ष 1978 में छात्र दल के नाम से पूजा समिति गठित हुई, जिसके बाद से समिति ही पूजा की व्यवस्था संभालती आ रही है। भव्य पंडाल और आकर्षक प्रतिमा के कारण यह पूजा शहर में विशेष पहचान रखती है। 14 फीट की प्रतिमा, ऊंट के रथ पर सवार होंगी मां भवानी इस बार मां दुर्गा की 14 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार की जा रही है। समस्तीपुर के मूर्तिकार मनीष गुप्ता प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं। समिति के अनुसार मां भवानी ऊंट के रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी। प्रतिमा को थ्री-लेयर और थ्री-डी कॉन्सेप्ट पर तैयार किया जा रहा है। केवल प्रतिमा निर्माण में करीब 5 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। बंगाल के कारीगर थर्मोकोल से तैयार कर रहे पंडाल की नक्काशी पंडाल निर्माण का जिम्मा पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान से पहुंचे कारीगरों को दिया गया है। थर्मोकोल से पंडाल की बारीक नक्काशी की जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की जायसवाल लाइट द्वारा पूरे पूजा परिसर और आसपास के रास्तों को रोशन किया जाएगा। लाइट डेकोरेशन पर करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। 50 स्वयंसेवक संभालेंगे भीड़, 20 गुप्त निगरानी में रहेंगे श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समिति ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की विशेष तैयारी की है। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 50 स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। इनमें 20 स्वयंसेवक सादे तरीके से असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे। पूरे पूजा परिसर में 20 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था रहेगी। बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक, विसर्जन तक होगी संध्या आरती पूजा पंडाल क्षेत्र में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। पंडाल तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। समिति के अनुसार पट खुलने से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक प्रतिदिन संध्या आरती होगी। पट खुलने के बाद सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। शहर में एक दर्जन से अधिक पंडाल बन रहे दुर्गापूजा को लेकर गोपालगंज शहर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भव्य पंडालों का निर्माण तेजी से चल रहा है। कहीं प्राचीन मंदिर तो कहीं ऐतिहासिक किले की तर्ज पर पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कई पंडालों में देवी के नौ स्वरूप तो कहीं महिषासुर मर्दिनी की आकर्षक प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। समिति के वर्तमान अध्यक्ष रवींद्र कुमार वर्णवाल हैं। कोषाध्यक्ष मुकेश राम, सचिव प्रेम दीप कुमार और सदस्य राजीव कुमार उर्फ पलटू समेत अन्य सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। समिति को उम्मीद है कि इस बार भी शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। गोपालगंज शहर के घोष मोड़ स्थित छात्र दल पूजा समिति इस बार जयपुर के हवा महल की तर्ज पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल तैयार करा रही है। 90 फीट ऊंचे और 60 फीट चौड़े पंडाल को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। पूजा को लेकर बंगाल, समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश से पहुंचे कारीगर दिन-रात निर्माण कार्य में जुटे हैं। 1948 में शुरू हुई थी पूजा, 1978 से छात्र दल संभाल रहा व्यवस्था घोष मोड़ स्थित छात्र दल पूजा का इतिहास आजादी के बाद वर्ष 1948 से जुड़ा है। डॉ. एके घोष परिवार ने यहां पहली बार दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी। वर्ष 1978 में छात्र दल के नाम से पूजा समिति गठित हुई, जिसके बाद से समिति ही पूजा की व्यवस्था संभालती आ रही है। भव्य पंडाल और आकर्षक प्रतिमा के कारण यह पूजा शहर में विशेष पहचान रखती है। 14 फीट की प्रतिमा, ऊंट के रथ पर सवार होंगी मां भवानी इस बार मां दुर्गा की 14 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार की जा रही है। समस्तीपुर के मूर्तिकार मनीष गुप्ता प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं। समिति के अनुसार मां भवानी ऊंट के रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी। प्रतिमा को थ्री-लेयर और थ्री-डी कॉन्सेप्ट पर तैयार किया जा रहा है। केवल प्रतिमा निर्माण में करीब 5 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। बंगाल के कारीगर थर्मोकोल से तैयार कर रहे पंडाल की नक्काशी पंडाल निर्माण का जिम्मा पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान से पहुंचे कारीगरों को दिया गया है। थर्मोकोल से पंडाल की बारीक नक्काशी की जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की जायसवाल लाइट द्वारा पूरे पूजा परिसर और आसपास के रास्तों को रोशन किया जाएगा। लाइट डेकोरेशन पर करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। 50 स्वयंसेवक संभालेंगे भीड़, 20 गुप्त निगरानी में रहेंगे श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समिति ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की विशेष तैयारी की है। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 50 स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। इनमें 20 स्वयंसेवक सादे तरीके से असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे। पूरे पूजा परिसर में 20 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था रहेगी। बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक, विसर्जन तक होगी संध्या आरती पूजा पंडाल क्षेत्र में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। पंडाल तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। समिति के अनुसार पट खुलने से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक प्रतिदिन संध्या आरती होगी। पट खुलने के बाद सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। शहर में एक दर्जन से अधिक पंडाल बन रहे दुर्गापूजा को लेकर गोपालगंज शहर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भव्य पंडालों का निर्माण तेजी से चल रहा है। कहीं प्राचीन मंदिर तो कहीं ऐतिहासिक किले की तर्ज पर पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। कई पंडालों में देवी के नौ स्वरूप तो कहीं महिषासुर मर्दिनी की आकर्षक प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। समिति के वर्तमान अध्यक्ष रवींद्र कुमार वर्णवाल हैं। कोषाध्यक्ष मुकेश राम, सचिव प्रेम दीप कुमार और सदस्य राजीव कुमार उर्फ पलटू समेत अन्य सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। समिति को उम्मीद है कि इस बार भी शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे।

