बेंगलुरु की विधान सौधा पुलिस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए “शुद्धिकरण अनुष्ठान” के मामले में FIR दर्ज की है, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने पिछले महीने एक जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की शिकायत के बाद 4 सितंबर को विधान सौधा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला? 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में हवन-यज्ञ कर कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध किया। इसके बाद राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कथित शुद्धीकरण को छुआछूत का मामला बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की मांग की थी। हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अब वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। खड़गे ने कहा कि अगर मोदी दलित होते और उनके साथ ऐसा होता तो क्या वे तब भी ऐसे ही चुप रहते। खड़गे ने लिखा था जेपी नड्डा को पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के दिए आश्वासन के बावजूद शुद्धिकरण घटना पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्हें पत्र लिखकर सवाल उठाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इसमें शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश देने को कहा है।
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ मामले में बेंगलुरु में दर्ज हुई FIR:उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद हुआ था विवाद

