हमीरपुर में पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। सरकारी वकील रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि जरिया थाना क्षेत्र के परवई गांव के रहने वाले प्रलयंकर उर्फ अक्षय कुमार कुशवाहा के खिलाफ साल 2023 में एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप था कि तीन-चार जनवरी 2023 की रात आरोपी करीब 15 साल की किशोरी को उसके घर से बहला-फुसलाकर ले गया था। पुलिस ने जरिया थाने में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 और 376 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। किशोरी के मिलने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और बयान दर्ज किए गए। जांच पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पॉक्सो एक्ट में 20 साल की सजा अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, आईपीसी की धारा 363 में पांच साल और धारा 366 में सात साल की जेल के साथ कुल पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया। इस तरह आरोपी पर कुल 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। कोचिंग में पढ़ाता था आरोपी सरकारी वकील के मुताबिक, किशोरी कोचिंग में पढ़ने जाती थी, जहां आरोपी अक्षय उसे पढ़ाता था। आरोप है कि तीन-चार जनवरी की रात करीब तीन बजे आरोपी किशोरी के घर पहुंचा और उसे अपने साथ ले गया। वह उसे पहले हमीरपुर में एक दिन तक रखने के बाद गुजरात ले गया था। मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

