बड़वानी की पाटी में हत्या के तीन आरोपियों को कोर्ट ने 10-10 साल की जेल सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एल.डी. सोलंकी की अदालत ने तीनों दोषियों पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और सबूतों के आधार पर यह फैसला सुनाया। यह मामला 29 मार्च 2026 का है। फरियादी किताराम (20) ने पाटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके चाचा का लड़का फुलसिंग (35) जमरा फल्या गांव का रहने वाला था। वह पाटी गंधावल रोड पर टंटेश्वर महादेव मंदिर के सामने छबानिया के खेत में गया था। वहां मनीष बारेला (पटेल फल्या, पाटी) ने फुलसिंग से 100 रुपए उधार मांगे। फुलसिंग ने उसे पैसे दे दिए। कुछ देर बाद जब फुलसिंग ने अपने पैसे वापस मांगे, तो मनीष ने देने से मना कर दिया। उसने फुलसिंग को गालियां दीं और अपने साथी रणछोड़ बारेला और वीरेंद्र बारेला (दोनों पटेल फल्या, पाटी) के साथ मिलकर फुलसिंग की पिटाई कर दी। आरोपियों ने फुलसिंग को लात-घूंसों से मारा। उसके सीने, मुंह, पेट और गुप्तांग पर चोटें आईं। इन चोटों के कारण फुलसिंग की मौत हो गई। किताराम की शिकायत पर पाटी थाने में मनीष बारेला, रणछोड़ बारेला और वीरेंद्र बारेला के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। बड़वानी एसपी पद्म विलोचन शुक्ल के निर्देश पर, एएसपी धीरज बब्बर और एसडीओ महेश सुनैया के मार्गदर्शन में पाटी पुलिस की टीम बनाई गई। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थाना प्रभारी रामदास यादव ने मामले की अच्छी तरह जांच की। उन्होंने घटना से जुड़े फॉरेंसिक सबूत, हथियार और गवाहों के बयान जमा किए। तय समय में जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। न्यायालय विचारण के दौरान साक्षियो के कथन न्यायालय में कराये गये। सम्पूर्ण अनुंसधान साक्ष्य के आधार पर विशेष न्यायाधीश महोदय एल.डी. सोलंकी , न्यायालय बडवानी द्वारा दिनांक 08.09.2026 को आरोपीगण 1. मनीष पिता काशीराम बारेला उम्र 24 वर्ष नि. पटेल फल्या ग्राम पाटी ,2. रणछोड पिता अम्बाराम बारेला उम्र 23 वर्ष नि. पटेल फल्या ग्राम पाटी ,3. विरेन्द्र पिता सखाराम बारेला उम्र 20 वर्ष नि. पटेल फल्या ग्राम पाटी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अपराध का सम्पूर्ण अनुसंधान उनि. रामदास यादव थाना प्रभारी पाटी द्वारा किया गया। न्यायालय में प्रकरण की पेरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक जगदीश यादव द्वारा की जाकर न्यायालय में सही एवं ठोस सबूत पेश किये गये । यह समुचित विवेचना एवं टीम के सहयोग से ही संभव हो सका ।

