हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक सड़क हादसा हुआ। 13 माइल के पास पीआरसीएल ट्रांसपोर्टिंग रोड पर 18 चक्का ट्रेलर की चपेट में आने से मजदूर रामदेव रजक की मौत हो गई। वह सोनबरसा गांव का रहने वाला था और ट्रांसपोर्टिंग रोड पर काम करता था। इस घटना के बाद क्षेत्र में NTPC की कोयला ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही वाले मार्ग पर मजदूरों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर गति नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, भारी वाहनों के परिचालन की निगरानी भी होनी चाहिए। लोगों ने NTPC और संबंधित ट्रांसपोर्टिंग एजेंसियों से सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका सवाल है कि सुरक्षा में कमी की जिम्मेदारी किसकी है। हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक सड़क हादसा हुआ। 13 माइल के पास पीआरसीएल ट्रांसपोर्टिंग रोड पर 18 चक्का ट्रेलर की चपेट में आने से मजदूर रामदेव रजक की मौत हो गई। वह सोनबरसा गांव का रहने वाला था और ट्रांसपोर्टिंग रोड पर काम करता था। इस घटना के बाद क्षेत्र में NTPC की कोयला ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही वाले मार्ग पर मजदूरों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर गति नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, भारी वाहनों के परिचालन की निगरानी भी होनी चाहिए। लोगों ने NTPC और संबंधित ट्रांसपोर्टिंग एजेंसियों से सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका सवाल है कि सुरक्षा में कमी की जिम्मेदारी किसकी है।

