अम्बेडकरनगर में 44 नई एएनएम की तैनाती के लिए तैयार सूची में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। करीब 40 एएनएम के तबादले से खाली हुए स्वास्थ्य उपकेंद्रों को प्राथमिकता देने के बजाय कई नई एएनएम को ऐसे केंद्रों पर तैनाती देने की तैयारी थी, जहां पहले से व्यवस्था थी। अनुमोदन के लिए सूची जिलाधिकारी ईशा प्रिया के पास पहुंची तो उन्होंने इसे वापस कर दिया। डीएम ने पहले तबादले के बाद खाली हुए उपकेंद्रों को भरने के निर्देश दिए हैं। पूरे मामले की निगरानी की जिम्मेदारी सीडीओ को सौंपी गई है। जिले में करीब 325 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। इनमें लगभग 250 पर एएनएम तैनात थीं। पिछले महीने करीब 40 एएनएम के तबादले के बाद कई उपकेंद्र खाली हो गए थे। इसके बाद जिले को 44 नई एएनएम मिलीं। ऐसे में खाली हुए उपकेंद्रों पर तैनाती को प्राथमिकता दिया जाना तय था। आरोप है कि विभागीय स्तर पर तैयार सूची में कई नाम ऐसे केंद्रों के लिए प्रस्तावित कर दिए गए, जहां पहले से एएनएम की व्यवस्था थी। 80 केंद्रों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं स्वास्थ्य विभाग में करीब 80 ऐसे केंद्र भी हैं, जहां एएनएम की तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इनमें कुछ केंद्र निजी तो कुछ सरकारी भवनों में संचालित बताए जा रहे हैं। इन केंद्रों की एचएमआईएस पोर्टल पर स्थिति और स्वीकृत पद को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। ऐसे केंद्रों पर नियमित एएनएम की तैनाती के बजाय आसपास के उपकेंद्रों की एएनएम से निर्धारित दिनों में सेवाएं दिलाने की व्यवस्था किए जाने की बात है। डीएम के हस्तक्षेप के बाद सूची में संशोधन शुरू कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारियों के संशोधित तैनाती आदेश भी जारी किए गए हैं। अब यह भी देखा जा रहा है कि प्रारंभिक सूची किस आधार पर तैयार की गई और खाली उपकेंद्रों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। सीएमओ प्रमोद कुमार ने बताया कि पुरानी सूची में कुछ नाम और स्थान में गड़बड़ी थी। जानकारी मिलने के बाद उसे सही करा दिया गया है। शेष 80 केंद्रों पर तैनाती नए आदेश आने के बाद की जाएगी।

