स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत टाटा एआईजी से एमओयू:राज्य कर्मियों व उनके आश्रितों को रिम्स में मिलेगा कैशलेस इलाज

स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत टाटा एआईजी से एमओयू:राज्य कर्मियों व उनके आश्रितों को रिम्स में मिलेगा कैशलेस इलाज

राज्य के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भी इलाज की सुविधा मिलेगी। रिम्स को योजना के तहत इम्पैनल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर (सूचीबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदाता) के रूप में शामिल कर लिया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए रिम्स प्रबंधन और योजना की बीमा प्रदाता कंपनी टाटा एआईजी के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। रिम्स प्रबंधन के अनुसार, करीब एक सप्ताह में सभी जरूरी तकनीकी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी, जिसके बाद कर्मियों को योजना के तहत कैशलेस और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं मिलने लगेंगी। एमओयू के दौरान रिम्स के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक सह योजना के नोडल अधिकारी, टाटा एआईजी के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। रिम्स निदेशक ने कहा कि राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत संस्थान का सूचीबद्ध होना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी कर्मियों तक गुणवत्तापूर्ण व विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी तरीके से पहुंच सकेंगी। रिम्स मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अन्य अस्पतालों पर निर्भरता घटेगी रिम्स राज्य का शीर्ष सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां लगभग सभी सुपर स्पेशियलिटी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं। योजना से जुड़ने के बाद कर्मचारियों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए निजी या बाहरी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भी इलाज की सुविधा मिलेगी। रिम्स को योजना के तहत इम्पैनल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर (सूचीबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदाता) के रूप में शामिल कर लिया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए रिम्स प्रबंधन और योजना की बीमा प्रदाता कंपनी टाटा एआईजी के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। रिम्स प्रबंधन के अनुसार, करीब एक सप्ताह में सभी जरूरी तकनीकी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी, जिसके बाद कर्मियों को योजना के तहत कैशलेस और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं मिलने लगेंगी। एमओयू के दौरान रिम्स के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक सह योजना के नोडल अधिकारी, टाटा एआईजी के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। रिम्स निदेशक ने कहा कि राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत संस्थान का सूचीबद्ध होना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी कर्मियों तक गुणवत्तापूर्ण व विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी तरीके से पहुंच सकेंगी। रिम्स मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अन्य अस्पतालों पर निर्भरता घटेगी रिम्स राज्य का शीर्ष सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां लगभग सभी सुपर स्पेशियलिटी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं। योजना से जुड़ने के बाद कर्मचारियों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए निजी या बाहरी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *